बटर फेस्टिवल: 11 हजार फीट ऊंचाई पर 28 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला दयारा बुग्याल,दूध मक्खन की होली,ये है खास वजह
उत्तरकाशी का दयारा बुग्याल, 11 हजार फीट ऊंचाई पर 28 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली खूबसूरत जगह। तैयार है एक बार फिर दूध, मक्खन की होली खेलने के लिए।
खास पर्व बटर फेस्टिवल यानि अढूंडी उत्सव। जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है। 16 अगस्त को ग्रामीण और पर्यटक इस उत्सव को जमकर मनाएंगे। इसकी पौराणिक वजह है, स्थानीय लोग प्रकृति का आभार प्रकट करने के लिए ऐसा करते आ रहे हैं।

दयारा बुग्याल में रैथल और आसपास के ग्रामीण सदियों से भाद्रप्रद महीने की संक्रांति को दूध मक्खन मट्ठा की होली का आयोजन करते आ रहे हैं। प्रकृति का आभार जताने के लिए आयोजित किए जाने वाले इस दुनिया के अनोखे उत्सव को दयारा पर्यटन उत्सव समिति व ग्राम पंचायत बीते कई वर्षों से बड़े पैमाने पर दयारा बुग्याल में आयोजित कर रही है, जिससे देश विदेश के पर्यटक इस अनूठे उत्सव का हिस्सा बन सके।
रैथल निवासी सुमित रतूड़ी बताते हैं कि ग्रामीण गर्मियों की दस्तक के साथ ही अपने मवेशियों के साथ दयारा बुग्याल समेत गोई चिलापड़ा में बनी अपनी छानियों में ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए पहुंच जाते हैं। ऊंचे बुग्यालों में उगने वाली औषधीय गुणों से भरपूर घास व अनुकूल वातावरण का असर दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर भी पढ़ता है।
ऐसे में उंचाई वाले इलाकों में सितंबर महीने से होने वाली सर्दियों की दस्तक से पहले ही ग्रामीण वापिस लौटने से पहले अपनी व अपने मवेशियों की रक्षा के लिए प्रकृति का आभार जताने के लिए इस अनूठे पर्व का आयोजन करते हैं। स्थानीय स्तर पर अढूंडी पर्व के नाम से जानते हैं।
दयारा बुग्याल जो मखमली घास (बुग्याल) उत्तरकाशी जिले में स्थित है। चारों ओर बर्फ से ढके इस बुग्याल तक पहुंचने के लिए पहले उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी पहुंचना होता है। फिर बारसू गांव से दयारा बुग्याल तक पैदल चलना होता है। जो कि करीब 9 किलोमीटर है। ये ट्रैकिंग के लिए भी खास है। यहां पर अब होम स्टे बन चुके हैं। ऐसे में किसी तरह की परेशानी नहीं हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications