भितरघात के आरोपों से घिरी भाजपा, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने लगाई त्रिवेंद्र और निशंक की परिक्रमा
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र और रमेश पोखरियाल निशंक से मिले कौशिक
देहरादून, 23 फरवरी। उत्तराखंड भाजपा में चुनाव परिणाम से पहले ही खलबली मची हुई है। पार्टी के विधायकों के भितरघात को लेकर लगाए गए आरोपों से पार्टी अब डेमेज कंट्रोल करती हुई नजर आ रही है। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भाजपा के दिग्गज नेताओं की शरण में नजर आ रहे हैं। पहले पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। इसे पार्टी के अंदर मचे घमासान का ही परिणाम माना जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष पर ही लग रहे गंभीर आरोप
प्रदेश में सरकार बनाने का दावा भाजपा भले ही कर रही है, लेकिन पार्टी के अंदर भितरघात के आरोपों को लेकर खलबली मची हुई है। खुद प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर ही पार्टी के विधायक संजय गुप्ता ने भितरघात का आरोप लगाया हुआ है। ऐसे में मदन कौशिक को भी अपनी कुर्सी के जाने का खतरा बना हुआ है। मदन कौशिक के लिए इस समय खुद को ऐसे आरोपों से मुक्त कराने का चेलेंज भी है, हालांकि जब मीडिया ने मदन कौशिक से भितरघात को लेकर सवाल किया तो उन्होंने सफाई दी कि जो लिखित में पार्टी फोरम में अपनी बात करेगा, उसकी जांच कराई जाएगी। मीडिया में दिए बयानों को उनकी पार्टी स्वीकार नहीं करेगी। इतना ही नहीं जब मीडिया ने उन पर भी भितरघात के आरोप लगने को लेकर सवाल किया तो वे टालते हुए नजर आए और कहा कि आरोप लिखित रुप से देने पर ही जांच संभव है।

त्रिवेंद्र और निशंक से कौशिक की मुलाकात
इससे पहले मदन कौशिक ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के आवास पर जाकर मुलाकात भी की। इस दौरान मदन कौशिक के साथ कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत और देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा भी मौजूद रहे। इस दौरान चुनाव बाद समीकरणों को लेकर चर्चा हुई है। इसके बाद मदन कौशिक हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के आवास पर भी मिलने पहुंचे। इन दोनों सीनियर नेताओं से मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है। इतना ही नहीं ये भी दावा किया जा रहा है कि मदन कौशिक को कार्रवाई का डर है, ऐसे में वे अपने सीनियर नेताओं की परिक्रमा करने में जुटे है। भाजपा के अंदर इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि चुनाव परिणाम आते ही मदन कौशिक की प्रदेश अध्यक्ष पद से छु्ट्टी हो सकती है।

5 विधायक लगा चुके हैं गंभीर आरोप
भाजपा में अब तक 5 विधायक अपने-अपने सीटों पर भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। सबसे पहले लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर ही उनके खिलाफ काम करने का आरोप लगाया। इसके बाद चम्पावत के विधायक कैलाश गहतौड़ी और काशीपुर से विधायक हरभजन सिंह चीमा भी अपनी-अपनी सीटों पर भितरघात के आरोप लगा चुके हैं। यमुनोत्री से विधायक केदार सिंह रावत भी अपना दर्द बयां कर रहे हैं। केदार सिंह रावत ने जिला व प्रदेश स्तर के पांच पदाधिकारियों पर चुनाव के दौरान भितरघात का आरोप लगाया है। केदार सिंह रावत के बाद कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल ने भी अपनी विधानसभा सीटों पर भितरघात के गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद से भाजपा के अंदर खलबली मची हुई है।












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