उत्तराखंड में भाजपा का शुभ मुहूर्त का इंतजार खत्म, दलबदल को लेकर फिर से शुरू होगा खेल
उत्तराखंड में फिर से शुरू होगा दलबदल का खेल
देहरादून, 7 अक्टूबर। उत्तराखंड में एक बार फिर दलबदल को लेकर भी सियासी पारा चढ़ने लग गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहे थे। अब नवरात्र शुरू होते ही दलबदल को लेकर दोनों दल सक्रिय हो गए हैं। एक बार फिर भाजपा ने दलबदल पर बाजी मारी है। इस बार भाजपा फिर से एक निर्दलीय विधायक को अपने पाले में करने जा रही है। जो कि एक दो दिन में भाजपा के हो जाएंगे। इधर कांग्रेस ने 15 दिन का डेडलाइन दिया था जो कि पूरा होते ही अब कांग्रेस पर भी दलबदल का प्रेशर बनना शुरू हो गया है।

एक और निर्दलीय विधायक भाजपा कर सकते हैं ज्वाइन
उत्तराखंड में चुनावी साल में भाजपा और कांग्रेस अपना-अपना कुनबा बढ़ाने में जुटे है। दलबदल को लेकर भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए अब तक दो विधायकों को अपने पाले में कर लिया है। इनमें एक निर्दलीय प्रीतम पंवार और दूसरे पूर्व कांग्रेसी विधायक राजकुमार शामिल हैं। भाजपा अब एक और भीमताल से निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा को अपने पाले में लाने जा रही है। इसके लिए संगठन स्तर से पूरी तैयारी हो गई है। भाजपा के प्रदेश स्तर से लेकर हाईकमान तक के नेताओं से विधायक की मुलाकात हो चुकी है। अब विधायक को भाजपा ज्वाइन कराने की तैयारी की जा रही है। जो कि एक दो दिन में पूरी हो सकती है। सूत्रों की मानें तो विधायक राम सिंह दिल्ली में ही ज्वाइन कर सकते हैं।
कांग्रेस पर बढ़ा मनोवैज्ञानिक दबाब
भाजपा अब तक दो विधायकों को अपने पाले में लाकर कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना चुकी है। तीसरे विधायक को ज्वाइन कराने के बाद कांग्रेस पर एक बार फिर प्रेशर बढ़ना तय है। इधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का भाजपा को चुनौती देकर 15 दिन का समय मांगने की डेडलाइन भी पूरी हो गई है। कांग्रेस किसानों के मुद्दे पर भाजपा को घेरने में जुटी है। लेकिन कुनबा बढ़ाने का प्रेशर कांग्रेस पर भी है। कांग्रेस पहले अपने निष्कासितों को वापसी कराने की प्रक्रिया पूरी करने में लगी है। जिनकी संख्या 250 से ज्यादा है। ये सभी कांग्रेस के बड़े नेता और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। लेकिन बीते चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ बगावत कर चुनाव लड़े थे जिन्हें अब चुनाव आते ही कांग्रेस अपने पाले में लाने की तैयारी कर रही है। लेकिन भाजपा की तरह कांग्रेस अब तक किसी बड़े चेहरे को अपने पाले में लाने में कामयाब नहीं हुई है। जिससे चुनाव में भाजपा पर कांग्रेस मनोवैज्ञानिक दबाव बना सके।
कांग्रेस को बड़े चेहरों की तलाश
कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति की कमान संभाल रहे हरीश रावत भी इशारों-इशारों में भाजपा के असंतुष्ट विधायकों और बागियों को कांग्रेस में आने का न्यौता दे चुके हैं। लेकिन फिलहाल भाजपा खेमे से कोई विधायक या बड़ा चेहरा कांग्रेस में जाने का रिस्क नहीं उठाना चाहते हैं। भाजपा में मोदी और केन्द्र के बदौलत उत्तराखंड में योजनाओं और विकासकार्यों पर तेजी से काम हो रहा है। ऐसे में चुनाव से पहले कांग्रेस में जाकर कोई भी विधायक अपने क्षेत्र की विकास की योजनाओं को रूकवाने का कदम नहीं उठाना चाह रहे हैं। हालांकि राजनीति में कब कौन कहां क्या कदम उठाए, इसका कोई दावा नहीं किया जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications