Uttarakhand BJP मदन कौशिक की भाजपा राष्ट्रीय संगठन में एंट्री, जानिए इसके पीछे सियासी समीकरण
भाजपा ने विधायक मदन कौशिक को राष्ट्रीय कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया है। राष्ट्रीय कार्यसमिति में पांच नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, जिनमें उत्तराखंड से एक मात्र कौशिक हैं।

उत्तराखंड भाजपा में संगठन से लेकर सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले मदन कौशिक की भाजपा की राष्ट्रीय स्तर की टीम में एंट्री के नए सियासी मायने तलाशने शुरू हो गए हैं। मदन कौशिक वर्तमान में हरिद्वार सीट से विधायक हैं। जो कि इससे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की कमान भी संभाल चुके हैं। अब मदन कौशिक को राष्ट्रीय कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
5 को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया, उत्तराखंड से एक मात्र कौशिक
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और विधायक मदन कौशिक को राष्ट्रीय कार्यसमिति में विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने संगठनात्मक नियुक्ति आदेश जारी किए। राष्ट्रीय कार्यसमिति में पांच नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, जिनमें उत्तराखंड से एक मात्र कौशिक हैं।
कौशिक 5 बार के विधायक,
हाईकमान के इस फैसले के पीछे एक तीर से दो निशाने साधने की बात अंदरखाने हो रही है। मदन कौशिक हरिद्वार सीट से आते हैं। कौशिक 5 बार के विधायक हैं। हरिद्वार सीट पर भाजपा की 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर नजर है। अब तक राज्य सरकार में हरिद्वार से किसी को प्रतिनिधित्व भी नहीं मिल पाया है। धामी के सीएम बनने के बाद से मदन कौशिक और सीएम के बीच संबंध अच्छे न होने की बात भी सामने आई। ऐसे में ये भी माना जाता रहा कि कौशिक के उत्तराखंड की राजनीति में सक्रियता धामी के लिए भी अच्छे संकेत नहीं है। ऐसे में प्रदेश की सियासत से राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाना इसे धामी से कौशिक के राजनीतिक संबंधों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
कैबिनेट में मदन कौशिक को भी जगह नहीं मिल पाई
धामी सरकार-2 में देहरादून, पौड़ी, टिहरी, बागेश्वर, अल्मोड़ा और उधमसिंह नगर को प्रतिनिधित्व मिला है। लेकिन सबसे बड़ी हैरानी हरिद्वार और नैनीताल जिले को प्रतिनिधित्व न मिलने को लेकर अब तक चर्चा हो रही है। भाजपा की पहली सरकार से हरिद्वार जिले को दो कैबिनेट मिले पहले मदन कौशिक बाद में स्वामी यतीश्वरानंद को कैबिनेट में जगह मिल पाई थी। इस बार के चुनाव में स्वामी यतीश्वरानंद चुनाव हार गए, लेकिन मदन कौशिक को भी जगह नहीं मिल पाई। हालांकि कौशिक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देख रहे थे। इससे पहले कौशिक त्रिवेंद्र सरकार में मदन कौशिक शहरी विकास और संसदीय कार्य मंत्री और नंबर 2 की जिम्मेदारी निभाते नजर आए थे।
हरिद्वार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी का खराब प्रदर्शन
चुनाव से पहले उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई थी। धामी-2 मंत्रिमंडल में जगह न मिलने के पीछे की सबसे बड़ी वजह हरिद्वार विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी का खराब प्रदर्शन माना गया। हरिद्वार में 2017 में भाजपा ने 11 में से 8 सीटें जीती थी। 2022 में 3 ही सीटें जीतकर आई हैं। इतना ही नहीं मदन कौशिक पर लक्सर विधायक रहे संजय गुप्ता ने विधानसभा चुनाव में भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। जिसके बाद से कौशिक को प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही प्रदेश सरकार में भी कोई जिम्मेदारी नहीं मिली। अब भाजपा हाईकमान ने कौशिक को दिल्ली बुलाकर एक तीर से दो निशान साधने की कोशिश की है। जिसको लोकसभा चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications