पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को चौतरफा घेरने में जुटी भाजपा, अब पार्टी के एक विधायक ने दे दिया बड़ा बयान
भाजपा के प्रवक्ता से लेकर विधायक तक हरीश रावत पर लगातार हमलावर
देहरादून, 1 मार्च। उत्तराखंड में कांग्रेस के बड़े चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भाजपा चौतरफा घेरने में जुटी है। भाजपा के प्रवक्ता से लेकर विधायक तक हरीश रावत पर लगातार हमलावर हैं। भाजपा के लोहाघाट से विधायक पूरण सिंह फर्त्याल के बयान से एक बार सियासत गरमा गई है। उन्होंने कहा है कि हरीश रावत को वे पहाड़ का नेता नहीं मानते हैं। साथ ही कहा है कि हरीश रावत बार-बार पहाड़ से पलायन की बात करते हैं। पर वह खुद ही पहाड़ से पलायन कर चुके हैं।

हरदा और भाजपा आमने-सामने
विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने चुनाव अभियान की कमान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंपकर बड़ा चेहरा स्वीकार किया। हालांकि हरीश रावत बतौर सीएम प्रोजेक्ट होने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन पार्टी ने सीधे तौर पर उन्हें सीएम का फेस नहीं बनाया। बावजूद इसके हरीश रावत की लोकप्रियता दूसरे नेताओं से ज्यादा ही आंकी जा रही है। इस बीच कांग्रेस में सरकार आने पर मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर भी वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो चुकी है। जिसमें हरीश रावत खेमा ज्यादा एक्टिव आ रहा है। लेकिन भाजपा हरीश रावत को चौतरफा घेरने में जुटी है। लोहाघाट से विधायक पूरण सिंह फर्त्याल ने अब हरीश रावत पर निशाना साधा है। फर्त्याल ने कहा कि जनता ने हरीश रावत को अल्मोड़ा लोकसभा सीट से तीन बार सांसद बनाया। हरीश रावत ने उसी पहाड़ की जनता को दरकिनार कर मैदान की ओर चले गए। दो-दो जगह तराई सीट से विधान सभा चुनाव लड़े और हार मिली। इस बार विधान सभा चुनाव में भी वह पहाड़ से चुनाव लडने के बजाय पहले रामनगर तो बाद में तराई की लालकुआं सीट से चुनाव लड़े। जो अब पहाड़ की सीट से चुनाव लडने के बजाय तराई की सीट तलाश करे वह नेता पहाड़ का भला क्या करेगा।फर्त्याल का कहना है कि 2022 विधानसभा चुनाव में भी हरीश रावत सिर्फ अपनी विधानसभा या अपनी पुत्री अनुपमा रावत के ही प्रचार में व्यस्त रहे। बाकी अन्य प्रत्याशियों की विधानसभाओ में उन्होंने कोई प्रचार नहीं किया। जिससे साफ है कि हरीश रावत सिर्फ एक प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़े।
हरदा पर भाजपा हमलावर
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा पर जमकर बरसे। रावत ने योगी को भी उत्तराखंड में कुटिया की जगह देने की बात की तो वाराणसी में खुद को उत्तराखंड में चुनावी जरूरत बताया। जिसके बाद भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कभी उत्तराखंड की चाहत और फिर चुनाव की जरूरत के हरदा के बयानों से लगता है कि वह कांग्रेस के लिए बोझ बनते जा रहे हैं। हरदा के बयान का सीधा सीधा अर्थ यह है है कि चुनाव में स्वयं को उत्तराखंड की चाहत बताकर कांग्रेस का मुख्यमंत्री चेहरा दिखने की उनकी रणनीति जनता को धोखा देने की थी। चौहान ने कहा कि मीडिया का ध्यान आकृष्ट करने के क्रम में हरदा झूठ के साथ कभी-कभी सच्चाई भी उजागर कर देते हैं। हरदा जब यह जानते थे कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहती तो वे क्यों स्वयं को चेहरा बता जानता को बरगलाकर वोट मांग रहे थे। रावत को जनता के मध्य किए गए तमाम झूठे दावों और वादों को लेकर सार्वजनिक रूप से मांगनी चाहिए।












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