Basant Panchami पर टिहरी राज दरबार में तय होगी बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि, जानिए क्या है परंपरा
Basant Panchami badrinath dham बैकुंठ धाम बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर तय होगी। जिसको लेकर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी है। टिहरी के नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली देखकर राजपुरोहित तिथि का ऐलान करेंगे।
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरा के अनुसार बसंत पंचमी शुक्रवार 23 जनवरी को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में तय होगी। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित की जाएगी। इसके साथ ही चारधाम यात्रा के शुभारंभ की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी।

बद्रीनाथ के साथ-साथ केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तारीखें भी धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से तय की जाएंगी। बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए और आगामी चारधाम यात्रा के मद्देनजर बीकेटीसी ने तैयारियां शुरू कर दी है।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजमहल में 23 जनवरी सुबह साढ़े दस बजे से बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए धार्मिक समारोह शुरू हो जाएगा। जिसमें इस यात्रा वर्ष बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होगी।
गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा का दिन भी तय हो जाएगा। समारोह में महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली देखकर राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल पंचांग गणना पश्चात श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का विनिश्चय करेंगे।
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा महाशिवरात्रि के अवसर पर की जाती है। जो कि रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विशेष पूजा और पंचांग गणना की जाती है। इसके अलावा द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि वैशाखी पर्व पर तय की जाएगी।












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