Badrinath dham: बदरी विशाल के कपाटोद्घाटन में चमत्कार, जानिए क्या हैं इसके मायने

बदरीनाथ धाम कपाटोद्घाटन के मौके प सबको इंतजार रहता है, उस चमत्कार का, जो कि कपाट खोलने के बाद सबसे पहले देखा जाता है। भगवान बदरी विशाल को ओढ़ाए गए घृत कंबल पर सबकी निगाहें जाती है। जो कि इस बार भी घी ताजा मिला।

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बदरीनाथ धाम को हिंदूओं का बैकुंठ धाम माना जाता है। गुरूवार को बदरी विशाल के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खुल गए हैं। अब 6 माह तक बदरी विशाल के दर्शन बद्रीनाथ धाम में ही होंगे। कपाट खोलने की पंरपरा और विशेष मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने बदरी विशाल के दर्शन किए। लेकिन इस कपाटोद्घाटन के मौके प सबको इंतजार रहता है, उस चमत्कार का, जो कि कपाट खोलने के बाद सबसे पहले देखा जाता है।

बदरी विशाल को ओढ़ाए गए घृत कंबल पर
वो है बदरी विशाल से जुड़ा एक खास अवसर। जब सबसे पहले भगवान बदरी विशाल को ओढ़ाए गए घृत कंबल पर सबकी निगाहें जाती है। जो कि इस बार भी घी ताजा मिला। पौराणिक मान्यता और हिंदू धर्म पर आस्था रखने वालों का मानना है कि घृतकंबल पर घी ताजा मिलने से ये संकेत मिलता है कि देश में खुशहाली बनी रहेगी।

अगर घी सूखता नहीं है तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं
6 माह शीतकाल में बद्रीनाथ के कपाट बंद रहते हैं। जहां कि अधिकतर बर्फबारी रहती है। बाहर इतनी बर्फबारी के बाद ठंड होने के बाद भी अगर घी सूखता नहीं है तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, कपाट बंद होने पर भगवान बदरीनाथ को घी में लिपटा कंबल ओढ़ाया जाता है।

माणा गांव की महिलाओं की ओर से तैयार किया जाता
ये कंबल विशेष रूप से माणा गांव की महिलाओं की ओर से तैयार किया जाता है। कन्याएं और सुहागिन इस कंबल को एक दिन में तैयार करतीं हैं। जो कि कपाट खुलने के बाद देखा जाता है। जो कि अधिकतर ताजा मिलता है। इससे देश की खुशहाली और समृद्धि से जोड़ा गया है।

प्रसाद के रूप में घृत कंबल वितरित
कपाटोद्घाटन के मौके पर फिर एक परंपरा निभाई जाती है। श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में घृत कंबल वितरित किया जाता है। शीतकाल में कपाट बंद होने के मौके पर भगवान बदरी विशाल और मां लक्ष्मी को देश के अंतिम गांव माणा की कुंवारी कन्याओं का भेड़ के ऊन से तैयार किया गया कंबल पहाड़ी गाय के दूध से बने घी में भिगोकर ओढ़ाया जाता है। इसे घृत कंबल की चोली कहा जाता है। कपाट खुलने के दिन यही कंबल मुख्य प्रसाद में रूप में श्रद्धालुओं को वितरित होता है।

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