अंकिता का श्रीनगर गढ़वाल स्थित एनआईटी घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
नई दिल्ली, 25 सितंबर: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड ने काफी गर्मा गया है। गुस्साए लोगों ने बद्रीनाथ हाइवे पर जाम लगा दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत पर आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने लेकिन श्रीनगर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर भीड़ ने हटने से किया इनकार कर दिया। मोर्चरी के बाहर भारी विरोध प्रर्दशन हुआ। पुलिस प्रशासन के दवाब के बाद आखिरकार शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

अंकिता भंडारी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर स्थित मुर्दाघर से एनआईटी घाट ले जाया गया। जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इससे पहले आज सुबह अंकिता के शव को ले जाने की आशंका पर लोग मोर्चेरी के आगे लेट गए थे। इस दौरान लोगों की पुलिस से झड़प भी हो गई। पुलिस लोगों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन भीड़ जिद पर अड़ी रही। प्रदर्शनकारियों ने शवगृह के बाहर बद्रीनाथ-ऋषिकेश हाईवे को जाम कर दिया। दरअसल मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद अंकिता भंडारी के पिता अंतिम संस्कार के लिए उनका शव लेने पहुंचे थे।
विभिन्न संगठनों के लोग सुबह से ही बदरीनाथ हाईवे पर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान अंकिता के पिता भी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने लोगों से जाम खोलने की अपील की। लेकिन लोग जाम खोलने को तैयार नहीं है। वहीं, लोगो ने पुलिस पर परिजनों पर दबाव डालने का आरोप लगाया। उधर, रुद्रप्रयाग के खांकरा से भी लोगों ने हाइवे पर जाम लगा दिया।
अंकिता भंडारी के परिजनों ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका अंदेशा है कि प्राइमरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेरबदल हो सकता है। इसके चलते अंकिता के भाई ने सरकार से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग उठाई है। वहीं, अंकिता के पिता का कहना है कि प्रशासन ने जल्दबाजी में रिजॉर्ट में अंकिता का कमरा तोड़ दिया। उसमें सबूत हो सकते थे।












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