Ankita Bhandari case सीबाआई जांच की मांग को लेकर सड़कों पर संगठन, भाजपा ने भी किया विरोध प्रदर्शन, जानिए वजह
Ankita Bhandari case अंकिता भंडारी केस को लेकर सियासी बवाल मचा हुआ है। कई सामाजिक संगठन और विपक्षी दल सड़कों पर उतर आए हैं। वीआईपी प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग को लेकर लोगों का गुस्सा सड़कों पर नजर आ रहा है। एक तरफ कांग्रेस समेत विपक्षी दल सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दूसरी तरफ भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश के सभी मंडलों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किया। अंकिता भंडारी केस को लेकर वीआईपी प्रकरण से प्रदेशभर में आंदोलन और विरोध तेज हो गया है। कई संगठन और राजनैतिक दल सीबीआई जांच की मांग को लेकर सड़कों पर हैं।

आने वाले दिनों में मांग पूरी न होने पर उत्तराखंड बंद और बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। उधर भाजपा ने भी कांग्रेस के खिलाफ प्रदेशभर में मोर्चा खोल दिया है। भाजपा का आरोप है कांग्रेस अंकिता केस में भ्रम फैला रही है और तथ्यहीन आरोप लगा रही है।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रुचि चौहान भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक जघन्य और संवेदनशील अपराध पर भी कांग्रेस केवल सियासी रोटियाँ सेकने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास न तो प्रदेश के विकास का कोई विज़न है और न ही जनहित से जुड़ा कोई ठोस एजेंडा, इसी कारण वह जनता को गुमराह करने की राजनीति कर रही है।
रुचि चौहान भट्ट ने कहा कि साढ़े तीन वर्षों तक चुप रहने के बाद अब, जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए इस मामले को दोबारा उछाल रही है। यह कांग्रेस की हताशा और दिशाहीन राजनीति को उजागर करता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईटी जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पहले ही यह साफ किया जा चुका है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की 'वीआईपी' संलिप्तता नहीं थी। उत्तराखंड की धामी सरकार ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजा, एसआईटी का गठन किया और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 500 पन्नों की चार्जशीट एवं 100 से अधिक गवाहों के बयान के आधार पर दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई। साथ ही सरकार द्वारा पीड़ित परिवार की हर स्तर पर मदद के साथ पीड़ित परिवार की मांग पर तीन बार सरकारी वकील बदले गए, सशक्त पैरवी हुई और इसी का परिणाम है कि आरोपियों को जमानत तक नहीं मिल सकी।
प्रदेश के 304 मंडलों में महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कांग्रेस के झूठे और भ्रामक आरोपों की पोल खोली। भाजपा महिला मोर्चा का कहना है कि जब न्यायालय द्वारा दोषियों को सजा सुनाई जा चुकी है, तब भी कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को चुनावी हथियार बनाना केवल एक राजनीतिक स्टंट है। रुचि चौहान भट्ट ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा कांग्रेस की इस भ्रामक राजनीति का हर स्तर पर विरोध करता रहेगा और प्रदेश की जनता के सामने सच्चाई को पूरी मजबूती से रखता रहेगा।
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