Ankita bhandari case आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट की कार्रवाई, पुलकित की फैक्ट्री में आग घटना या साजिश
अंकिता हत्या: आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट की कार्रवाई
उत्तराखंड का अंकिता भंडारी केस एक माह बाद भी कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है। एक तरफ जहां इस मामले में पुलिस, प्रशासन की अब तक जिस तरह की तेजी जांच में शुरूआत में नजर आ रही थी, वो अब सुस्त दिख रही है, वहीं इस मामले में अब लोगों का गुस्सा एक बार फिर तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस बीच पौड़ी की नई एसएसपी श्वेता चौबे ने अंकिता की हत्या के आरोप में जेल में बंद तीनों आरोपियों वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य समेत दो अन्य अंकित गुप्ता उर्फ पुलकित गुप्ता और सौरभ भाष्कर के खिलाफ गैंगस्टर ऐक्ट की कार्रवाई की है।

आरोपी पुलकित आर्य की फैक्ट्री में आग
इधर कई दिनों से शांत चल रहे मामले में अचानक तब हरकत नजर आई जब एक बार फिर मामले में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य की फैक्ट्री में आग लगने की खबर बायरल हो गई। बता दें कि पहले भी इस फैक्ट्री में आग लगने की खबर सामने आ चुकी है। इस बार आग किन कारणों के चलते लगी है अभी इसका पता नहीं चल सका है। पुलकित आर्य की ये फैक्ट्री स्वदेशी आर्युवेद के नाम से जानी जाती थी। लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि ये आग एक घटना है या फिर साजिश।

फैक्ट्री ठीक उसी वनंतरा रिजॉर्ट से सटी हुई
बता दें कि पुलकित की ये फैक्ट्री ठीक उसी वनंतरा रिजॉर्ट से सटी हुई है। जिस रिजॉर्ट में अंकिता बतौर रिसेप्सनिष्ट काम कर रही थी। अंकिता केस में रिजॉर्ट के आसपास ही सारी जांच का केन्द्र बिन्दु रहा है। आरोप है कि इसी रिजॉर्ट में चल रहे अनैतिक काम की वजह से अंकिता को अपनी जान गंवानी पड़ी है।

अंकिता भंडारी हत्या, मामला 18 सितंबर का
पौड़ी जिले की अंकिता भंडारी कुछ दिनों पहले ही वनंतरा रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्सनिष्ट काम करने आई थी। लेकिन 20 से 22 दिन के भीतर ही अंकिता की हत्या कर दी गई। रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों ने रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी को नहर में फेंककर हत्या कर दी थी। मामला 18 सितंबर का है। घटना के बाद पुलकित ने ही अंकिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। 24 सितंबर को अंकिता का शव ऋषिकेश के पास चिल्ला नहर से बरामद हुआ था।

इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है
इस मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। लेकिन अब तक इस मामले में कुछ खास कार्रवाई नहीं हुई है। बता दें कि आरोपी पुलकित के पिता और भाई सत्ताधारी भाजपा के सदस्य होने के साथ दर्जाधारी भी रहे हैं। ऐसे में ये मामला पूरा राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। अंकिता केस में पुलिस के सबसे बड़ी मुश्किल इस रिजॉर्ट में चल रहे अनैतिक काम का खुलासा करना और इस पूरे प्रकरण में सामने आ रहे वीआईपी के नाम का खुलासा करना है जिसके लिए अंकिता पर स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाने का आरोप है।

पूरे प्रकरण को लेकर सही तरह से जांच करने का दबाव
इसके साथ ही रिजॉर्ट में किसके कहने पर बुलडोजर चलाया गया और इस पूरे प्रकरण में कौन कौन शामिल रहा है। ये सब जांच का विषय है। हालांकि सरकार ने इस मामले के एक माह में ही डीएम और एसएसपी को हटा दिया है। अब नए डीएम और एसएसपी पर इस पूरे प्रकरण को लेकर सही तरह से जांच करने का दबाव है।












Click it and Unblock the Notifications