उत्तराखंड की निचली अदालतों में ऑनलाइन होगा सारा काम, नैनिताल हाईकोर्ट ने जारी की SOP
नैनीताल, अप्रैल 14। राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए जिला अदालतों में अब मुकदमों की सुनवाई ऑनलाइन कर दी गई है। ये आदेश मंगलवार को नैनिताल हाईकोर्ट की तरफ से जारी किया गया। हाई कोर्ट ने इस संबंध में एसओपी भी जारी की है। नए नियमों के मुताबिक, कोर्ट परिसर में वकीलों व वादकारियों की उपस्थित पर पाबंदी लगा दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

हाईकोर्ट ने 17 पॉइंट की एसओपी जारी की
आपको बता दें कि हाई कोर्ट में भी 19 अप्रैल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई होगी। हाईकोर्ट की एसओपी में 17 पॉइंट का जिक्र है, जिनका पालन निचली अदालतों को करने का निर्देश दिया गया है।
-इन पॉइंट में जरूरी होने पर जमानत, रिमांड, धारा-164 के बयानों की रिकार्डिंग आदि में कोर्ट में उपस्थित होने की अनुमति दी जा सकती है।
- इसके अलावा समस्त न्यायिक कार्य वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होंगे, जिसके लिए गूगल मीट व मीट सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जाएगा।
- प्रत्येक शनिवार को प्रशासकों व नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर वीसी के माध्यम से काम करने में ट्रेंड किया जाएगा। प्रशिक्षक न्यायालय के कार्मिकों का कौशल मूल्यांकन भी करेंगे और प्रशिक्षण में किसी तरह की जरूरत होने पर जिला न्यायाधीश को रिपोर्ट करेंगे।
- कोर्ट में सिर्फ एक तिहाई कर्मचारियों की उपस्थिति रहेगी। 52 साल से अधिक उम्र के लोगों को कार्यालय आने की अनुमति नहीं होगी।
- आपको बता दें कि कोर्ट परिसरों को समय-समय पर सैनिटाइज भी किया जाएगा। कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग होगी। साथ ही जिस किसी को भी अस्वस्थ महसूस होगा, उसे कोर्ट परिसर में आने नहीं दिया जाएगा।
- अधिवक्ता कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के लिंक के माध्यम से शामिल हो सकते हैं। अनधिकृत व्यक्ति को वीसी में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। जमानत के मामलों में जमानती कागजात ई मेल के माध्यम से प्राप्त किए जा सकते हैं।












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