ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट में 7 हजार पेड़ों का कटान! जानिए क्या है उत्तरकाशी में गंगोत्री हाईवे चौड़ीकरण का विवाद
All Weather Road Project उत्तराखंड में चार धाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री हाईवे का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। जिसको लेकर एक नया विवाद छिड़ गया है। पर्यावरणविदों का आरोप है कि इसके लिए करीब 7 हजार देवदार के पेड़ों के कटाव किया जाएगा।
ऐसे में एक तरफ इसका पर्यावरणविद विरोध कर रहे हैं जबकि स्थानीय लोग इसके पक्ष में आ गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि धराली जैसी आपदा का सामना उन लोगों ने किया है, ऐसे में सड़क चौड़ी होना जरुरी है। जहां तक पेड़ लगाने की बात हैं तो ग्रामीणों का तर्क है कि वे हर बार वृक्षारोपण करते आ रहे हैं।

हालांकि कार्यदायी बीआरओ (बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन) के अधिकारियों की मानें तो अब 7 हजार नहीं बल्कि दो हजार से कम पेड़ कटाव की जद में आयेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि धराली आपदा के बाद हाईवे की चौड़ाई को 12 से घटाकर 11 मीटर कर दिया गया है, जिसके बाद प्रस्तावित चौड़ीकरण कार्य की समीक्षा के साथ पेड़ों की दोबारा गणना करवाई जा रही है। इसमें लगभग 1500 से 1800 पेड़ों के ही कटाव की जद में आने की संभावना है।
बता दें कि केंद्र सरकार की चारधाम सड़क परियोजना में गंगोत्री हाईवे का जनपद मुख्यालय से भैरोंघाटी तक चौड़ीकरण कार्य पांच चरणों में प्रस्तावित है। पहले जहां इस दायरे में हाईवे 12 मीटर तक चौड़ा होना था। लेकिन बीते पांच अगस्त को धराली आपदा के बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय व बीआरओ के शीर्ष अधिकारियों की बैठक में हाईवे की चौड़ाई को 12 से घटाकर 11 मीटर कर दिया गया है।
इससे यहां प्रस्तावित चौड़ीकरण का एलाइमेंट बदल गया है। वर्तमान में बीआरओ की ओर से यहां नये सिरे में चौड़ीकरण कार्य के लिए दोबारा प्रस्तावित चौड़ीकरण की समीक्षा की जा रही है। अब प्रस्तावित चौड़ीकरण में नदी की ओर से भी सुरक्षा दीवार लगाकर हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने की योजना है। इससे चौड़ीकरण के पहले चरण झाला से भैरोंघाटी के मध्य कटान की जद में आने वाले पेड़ों की संख्या कम हो जाएगी।
बीआरओ के कमांडर राजकिशोर का कहना है कि शुरू में हाईवे चौड़ीकरण के पहले चरण में 6 हजार तक पेड़ आ रहे थे, लेकिन सड़क की चौड़ाई घटने के बाद अब दो हजार से कम पेड़ आयेंगे। इसमें भी पेड़ों के स्थानांतरण करने की योजना है।इससे भी कम ही पेड़ कटाव की जद में आयेंगे। बताया कि कटाव की जद में आने वाले पेड़ों की दोबारा गणना करवाई जा रही है। संभव है कि अब 1500 से 1800 पेड़ ही कटाव की जद में आयेंगे।












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