Aditya L1: देहरादून में दून योग पीठ की ओर से सूर्य नमस्कार के जरिए सफलता के लिए की गई विशेष प्रार्थना
चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब पूरे देश और विश्व की नजरें भारत के सौर मिशन पर टिक गई हैं।
चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब पूरे देश और विश्व की नजरें भारत के सौर मिशन पर टिक गई हैं। भारत के पहले सोलर मिशन आदित्य एल-1 की लॉन्चिंग आज सुबह 11.50 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से होगी। जिसके लिए देश भर से शुभकामनाएं और पूजा पाठ का दौर सुबह से ही शुरू हो गया है।

देवभूमि उत्तराखंड में भी विशेष पूजा अर्चना और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। इस बीच दून योग पीठ देहरादून द्वारा सूर्य मिशन आदित्य एल 1 की सफलता के लिए आज दून योग पीठ की दोनो केन्द्रों में सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया।आध्यात्मिक गुरु आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि दून योग पीठ हमेशा ही योग और साधना के जरिए देश के कल्याण की प्रार्थना करता है। लेकिन आज का दिन कुछ खास है, ऐसे में मिशन आदित्य एल 1 की सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की गई।
आचार्य बिपिन जोशी ने कहा कि जिस तरह चंद्रयान-3 अपने प्रक्षेपण में सफल हुआ, उसी तरह आदित्य-L1 भी अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा। इसके लिए देवभूमि के लोगों की ओर से पूजा अर्चना भी की गई है।
आदित्य-L1 में सात पेलोड यानी उपकरण लगे हैं। इनके जरिए फोटोस्फेयर, क्रोमोस्फेयर और सूरज की सबसे बाहरी परतों यानी कोरोना की स्टडी करेंगे। ISRO के अनुसार, आदित्य-एल1 से कोरोनल हीटिंग, कोरोनल मास इजेक्शन, प्री-फ्लेयर और फ्लेयर गतिविधियों और उनकी विशेषताओं, अंतरिक्ष मौसम की गतिशीलता, पार्टिकल्स के प्रसार आदि को समझने में मदद मिलेगी।
भारत का यह पहला सौर मिशन सूर्य और पृथ्वी के बीच मौजूद L1 पॉइंट पर पहुंचने के लिए 125 दिन लेगा। ये 125 दिन 3 जनवरी 2024 को पूरे होंगे।अगले लगभग चार महीनों में करीब 15 लाख किलोमीटर की यात्रा कर यह L1 पॉइंट तक पहुंचेगा।












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