हठयोग के दम पर इस योगी ने कर दिखाए हैरतअंगेज कारनामे, पूरी दुनिया में चर्चा
आज भारत समेत पूरी दुनिया में विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आज हम आपको एक ऐसे योगी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने हठयोग के दम पर कई देशो में अपना लोहा मनवाया है।
वाराणसी। आज भारत समेत पूरी दुनिया में विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर आज हम आपको एक ऐसे योगी के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने हठयोग के दम पर कई देशो में अपना लोहा मनवाया है और भारतीय तिरंगे के शान को बढ़ाया हैं। हम बात कर रहे हैं वाराणसी के मोहल्ला अस्सी में रहने वाले हठयोगी विजय मिश्रा की।

शीशे को लकड़ी का बुरादा बना देते हैं
हठयोगी विजय मिश्रा ने इस मुकाम पर पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की और आज जब भी ये अपने हठयोग का प्रदर्शन करते हैं लोग दांतो तले उंगिला दबा लेते हैं। विजय मिश्रा शीशे को लकड़ी के बुरादे की तरह मसल देते हैं तो कठोर नारियल को चुटकियो में तोड़ देते हैं। यही नहीं बड़ी बड़ी गाड़िया रोकना और अपने सीने के ऊपर से गुजार देने इनके लिए चुटकियो का काम हैं।

हठयोग के बल पर किए हैं कई कारनामे
दरसअल वाराणसी के रहने वाले विजय मिश्रा बचपन से है योग और उसके गुणों के बारे में जानकर उसे अपनी ताकत बनाने के लिए दृढ़ निश्चय कर थे। यही वजह है कि आज योगी विजय मिश्रा एनसीसी , सेना सुरक्षा बल , पुलिस के जवानो के कई कार्यक्रमों में अपने अंदाज दिखा चुके हैं। यही नहीं इन्होने इन सभी को योग की ट्रेनिंग भी दी हैं। पुराने यादों को साझा करते हुए विजय मिश्र ने बताया कि अपने युवा काल में सीने पर हथौड़े के प्रहार से पत्थर तुड़वाना, सेना की ट्रक अपने सीने के ऊपर से गुजार देना, हाथों से गाड़ियों को रोक देना और मुंह से कार खींच लेना उनके लिए पल भर का काम हैं जिसका श्रेय वो योग को देते हैं।

देते हैं रोजाना योग की ट्रेनिंग
विजय मिश्र भारतीयों के साथ-साथ बनारस आने वाले देशी विदेशी सैलानियों को योग की ट्रेनिंग देते हैं और वो भी निःशुल्क। विजय बताते हैं कि आज के वातावरण में जिस तरह से प्रदूषण इंसान को प्रभावित कर रहा हैं ऐसे में योग ही एक मात्र रास्ता हैं जिससे सभी स्वस्थ रह सकते हैं और इसी उद्देश्य के कारण को रोजाना सैकड़ो के संख्या में लोगो को योगा करना और उसके गुणों के बारे में बताने का कार्य जारी रखा हैं।












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