बकरीद पर जानवरों को खुले में ना काटने वाले फरमान का मौलानाओं ने किया सपोर्ट
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकरीद त्योहार को ध्यान में रखते हुए शनिवार रात सूबे के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इस दौरान उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कहीं भी जानवर खुले में न काटे जाएं और न ही कहीं मांस के टुकड़ों या खून को नालियों में बहाया जाए। सीएम के इस निर्देश के पीछे सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने का मकसद बताया जा रहा है।

दरअसल, रमजान खत्म होने के लगभग 70 दिनों बाद बकरीद मनाया जाता है। इसे ईद-उल-जुहा के नाम से भी जाना जाता है। इस साल बकरीद 22 अगस्त को मनाई जाएगी। ऐसे में इस दिन मुसलमानों के घर में कुछ जानवरों की कुर्बानी देने की प्रथा है। यही वजह है कि सीएम योगी ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अमले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। -इस दौरान सीएम योगी ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कहीं ही खुले में बलि देने के साथ ही नालियों में खून बहाने पर रोक लगाई जाए।
सीएम योगी के इस निर्देश के बाद अब मौलानाओं ने भी मुस्लिम समाज से कुर्बानी में एहतियात बरतने की अपील की है। लखनऊ के मौलाना राशिद फिरंगी महली ने मुसलमानों से आह्वान किया है कि कुर्बानी के समय साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाए। उन्होंने यहां तक कहा है कि कुर्बानी के वक्त तस्वीर न खींची जाए और न ही ऐसी कोई तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जाए।
यहां सबसे खास बात ये है कि सीएम योगी ने यह साफ तौर पर कहा है कि बकरीद के मौके पर गोवंश की कुर्बानी ना हो यह सुनिश्चित किया जाए। परंपरा के मुताबिक अभी तक जहां पर कुर्बानी का स्थान सुनिश्चित है, वहीं पर जानवरों की कुर्बानी हो जो कि प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं हैं। सीधे तौर पर कहा जाए तो कुर्बानी के लिए कोई नई जगह नहीं बनाई जाए।












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