योगी सरकार के मंत्री जी ने अपनी लग्जरी कार से किसान का खेत रौंद डाला, बिलखता रहा परिवार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही मंत्रियों और नेताओं की ठसक अब एक दल से स्थानांतरित होकर दूसरे दल में चली गई है। प्रदेश के राज्य कारागार मंत्री जय कुमार सिंह उर्फ जैकी जालौन के पियानीरंजनपुर इलाके में गए थे जोकि उरऊ तहसील में है। जय कुमार यहां एक आवारा गायों की गौशाला का उद्घाटन करने के लिए गए थे, लेकिन जिस रास्ते से होकर वह गए थे उसपर एक किसान का खेत था, जहां उसकी अच्छी खासी फसल पर तमाम गाड़ियों का काफिला गुजर गया, जिसकी वजह से किसान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

एसयूवी कारों के टायरों ने रौंद डाली फसल
जिस जगह पर कार्यक्रम होना था वह वह रास्ता किसान के खेत से होकर जाता था, ऐसे में मंत्री जी ने दूसरा विकल्प तलाशने की बजाए अपनी गाड़ियों का काफिला खेत से ही गुजार दिया, जिस किसान के खेत को मंत्रीजी के काफिले ने बर्बाद किया है उसका नाम देवेंद्र दोहरे है। मंत्री जी की तमाम एसयूवी वाहनों के टायरों ने किसान की तीन बीघा खेत को पूरी तरह से चौपट कर दिया।
कर्ज लेकर बोई थी फसल
दोहरे ने खेत में फसल लगाने के लिए काफी लोन लिया था, यहां उसने सरसो की खेती की थी, बीज से अभी पत्तियां निकलना शुरू ही हुई थी कि मंत्रीजी ने पूरा खेत अपनी लग्जरी गाड़ियों की भेंट चढ़ा दी। जिस वक्त मंत्रीजी का काफिला खेत से गुजर रहा था दोहरे वहां नहीं थे। दोहरे ने बताया कि मुझे जब इस बात की जानकारी मिली तो मैं तुरंत वहां गया और मैं देखकर चकित रह गया कि मेरी पूरी फसल रौंद दी गई थी। मैं पिछले वर्ष भी खेती नहीं कर पाया था, मैंने उधार लेकर सरसो बोई थी, मुझे उम्मीद थी कि इस वर्ष अच्छी फसल होगी तो मैं अपना कर्ज चुका दुंगा। लेकिन अब मेरी फसल और परिवार बर्बाद हो गया।
गिड़गिड़ाता रहा किसान
अपने नुकसान को देखकर पूरी तरह से व्यथित दोहरे जब मंत्रीजी के पास पहुंचा तो वह सीधे उनके पैरों पर पड़कर गिड़गिड़ाने लगा, लेकिन मंत्री जी को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। जब दलित किसान ने अपनी आपबीती बताई तो उनके समर्थक दोहरे को दूर ले गए और उसे उसके नुकसान का उचित मुआवजा देने की बात कही।
4000 रुपए देकर किया रफा दफा
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंत्रीजी बैठे रहे ताकि किसी भी तरह का विवाद नहीं हो। लेकिन जब कार्यक्रम समाप्त हुआ तो मंत्री जी किसान को कुछ रुपए देकर रफ्तार में अपनी लग्जरी कारों में सवार होकर रवाना हो गए और उनके पीछे किसान का पूरा परिवार बिलखता रहा। इस घटना को जब स्थानीय पत्रकारों ने उठाया तो मंत्रीजी ने कहा कि मैंने किसान को पहले ही 4000 रुपए दे दिए हैं जोकि उसके नुकसान के लिए पर्याप्त है।
किसान को दिखाई उसकी जगह
बहरहाल यहां समझने वाली बात यह है कि जिस तरह से केंद्र में मोदी सरकार और राज्य में योगी सरकार किसानों की हितैषी होने की बात करती है क्या उन्हें इस बात की समझ नहीं है कि खेत में सिर्फ बीज की कीमत नहीं होती है, बल्कि किसान की हाड़ तोड़ मेहनत, खून पसीना भी लगता है एक अदद फसल को उगाने और अपने परिवार को चलाने में। लेकिन सत्ता की ठसक में चूर मंत्रीजी ने चार हजार रुपए का मुआवजा देकर किसान को उसकी असली जगह दिखा दी है।












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