योगी ने किया था आगाह-एक गलती सबकुछ मिटा देगी: क्या पुलिस की लापरवाही से हो गया लखीमपुर खीरी कांड ?
लखनऊ, 04 सितंबर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले साढ़े चार वर्षों से यूपी में कानून व्यवस्था बेहतर होने के दावे लगातार करते आ रहे हैं। गोरखपुर में मनीष गुप्ता हत्याकांड के बाद से ही खफा हुए योगी ने शनिवार को ही पुलिस लाइन में हुए एक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा था कि आप छोटे छोटे मामलों में लापरवाही न बरतें नहीं तो आपकी एक चूक सबकुछ मिटा देगी और साढ़े चार साल की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। योगी की इस फटकार के बाद 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि लखीमपुर खीरी में पुलिस पर एक बार फिर लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि लोकल इंटेलिजेंस की टीम के इनपुट के बावजूद इलाके में पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं की गई थी जिससे पूरा मामला बिगड़ गया।

एलआईयू की रिपोर्ट के बाद भी नहीं लगाई गई फोर्स
पुलिस के सूत्रों का दावा है कि लखीमपुर खीरी की घटना में लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) ने समय रहते ही अपनी तरफ से प्रशासन को हंगामा होने का इनपुट दे दिया था लेकिन प्रशासन के आला अफसरों ने उसको गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम केशव मौर्या के दौरे के समय किसानों ने विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर ली थी। इसकी जानकारी एलआईयू ने पुलिस के आला अधिकारियों को दे दी थी। एलआईयू ने साफतौर पर बताया था कि डिप्टी सीएम के दौरे के समय किसान हंगामा कर सकते हैं लिहाजा पार्याप्त संख्या में तैयारी रखी जाए लेकिन आला अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और बड़ा कांड हो गया।

डिप्टी सीएम केशव मौर्य के दौरे में हुआ था आंशिक परिवर्तन
सूत्रों के अनुसार डिप्टी सीएम केशव मौर्या के कार्यक्रम में थोड़ा बदलाव किया गया था। वह हवाई मार्ग की बजाए सड़क मार्ग से लखीमपुर खीरी पहुंचे थे और यहां एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इस बीच तिकुनिया में किसान काले झंडे लेकर प्रदर्शन करने के लिए तैयार थे लेकिन प्रशासन पूरे माहौल को भांप नहीं पाया और इसके हल्के में लेना भारी पड़ गया। दोपहर बाद करीब दो बजे डिप्टी सीएम केशव मौर्य और केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का काफिला तिकुनिया पहुंचने वाला था कि उससे पहले ही बवाल शुरू हो गया।

पहले ही प्रदर्शनकारियों ने कर ली थी तैयारी
डिप्टी सीएम केशव मौर्य के कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद लखीमपुर खीरी के कई गांवों के किसानों ने प्रदर्शन की तैयारी कर ली थी। पुलिस सूत्रों की माने तो पलिया, भीरा, बिजुआ और खजुरिया समेत कई गावों में किसान काले झंडे लेकर विरोध के लिए तैयार बैठे थे। हजारों किसान तिकुनिया पहुंच गए थे और वहां किसानों ने अपना टेंट भी लगा दिया था और किसानों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी थी। मामला संभालने में पुलिस को पसीने छूटने लगे। जानकारी मिलने पर आसपास के थानों की फोर्स जब तक आती तब तक मामला बिगड़ चुका था।
छोटे-छोटे मामलों में लापरवाही बरत रही पुलिस
छोटे-छोटे मामलों को गंभीरता से लेने और जमीनी स्तर पर पुलिस के खुफिया तंत्र को मजबूत करने का निर्देश योगी आदित्यनाथ हमेशा देते रहे हैं। आठ दिन पहले केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के दिए गए बयान को लेकर किसानों में गुस्सा था। इसके बाद भी न तो स्थिति का आंकलन किया गया न तो इस पर आला अधिकारियों ने कोई संज्ञान लिया। मंत्री के बयान का असर लखीमपुर खीरी के कई जिलों में पिछले कई दिनों से देखा जा रहा था लेकिन इसके बारे में लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों को कुछ भी जानकारी नहीं दी गई। केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में किसानों को दो मिनट में सबक सिखाने और लखीमपुर खीरी से बाहर खदेड़ने का बयान दिया था। इसको लेकर किसान अदंर अंदर बहुत गुस्से में थे और मौका मिलते ही उनका गुस्सा फूट पड़ा।
यूपी के एक पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कहा कि,
'' इस तरह की घटनाओं में एलआईयू की रिपोर्ट का बहुत अहम रोल होता है। भले ही उनका इनपुट छोटा हो लेकिन ये इनपुट बहुत काम के होते हैं। कभी कभी इनको नजरअंदाज करने से बड़ी घटनाएं हो जाती हैं। कुछ दिनों पहले कानुपर के बिकरु कांड से पहले भी एलआइयू ने रिपोर्ट दी थी लेकिन पुलिस के आला अधिकारियों ने उसको गंभीरता से नहीं लिया जिसकी वजह से कई पुलिसकर्मियों की जान चली गई। उसी तरह का मामला यहां दोहराया गया है। एलआइयू की रिपोर्ट पर काम हुआ होता तो न भीड़ जुटती और न ही आठ लोगों की जान जाती। इसलिए पुलिस विभाग के बीच इस तरह की चीजों का कोआर्डिनेशन होना बहुत जरूरी होता है।''

पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में लगाई थी फटकार
लखीमपुर कांड से एक दिन पहले ही योगी ने सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस कप्तानों को हिदायत देते हुए कहा था कि सभी लोग सुबह अपने अपने कार्यालयों में मौजूद रहें और जनता की समस्याओं को सुनें। शनिवार को लखनऊ में एक पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पुलिस को खरी खरी सुनाई और सख्त चेतावनी भी दी। योगी ने कहा कि पुलिसकर्मियों को अपने अधिकारियों को सही सूचना देनी चाहिए ताकि मीडिया ट्रॉयल से बचा जा सके। सरकार ने पिछले चार साल में कानून व्यवस्था को लेकर अच्छे काम किए हैं लेकिन एक गलती सब कुछ मिटा देगी। जनता को हीरो से विलेन बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है।
योगी ने कहा था- एक गलती सबकुछ मिटा देगी
योगी ने कहा था कि पुलिस ने पिछले साढ़े चार वर्षों में कई अच्छे काम किए हैं लेकिन एक गलती सब कुछ मिटा देती है। जनता को हीरो से विलेन बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता है। इस गलती को बेहतर संचार से ही सुधारा जा सकता है और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जनता और मीडिया के साथ बेहतर संचार बनाए रखने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। सीएम ने कहा कि संकट में व्यक्ति पहले पुलिस के पास जाता है और पीड़ितों के प्रति उनके गलत व्यवहार और असंवेदनशीलता के कारण पूरी सरकारी मशीनरी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।












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