UP News: गुरुकुल परम्परा को बढ़ावा देगी योगी सरकार, नैमिष धाम में बनेगा वैदिक रिसर्च सेंटर
उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी के सीतापुर में वैदिक रिसर्च सेंटर खोलने का फैसला किया है। सरकार यहां रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए एक छात्रावास भी बनवाएगी।
Naimisharanya in Sitapur: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार अब प्रदेश के पौराणिक और सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित करने के साथ ही उसको आधुनिक तकनीक से जोड़ने में जुटी है। इसी क्रम में अब योगी सरकार ने सीतापुर के नैमिष धाम में वैदिक रिसर्च सेंटर खोलने का फैसला लिया है।
वैदिक रिसर्च जुडे़ छात्रों के लिए सुनहरा अवसर
सरकार के इस कदम के साथ ही अब यूपी में वैदिक रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए सुनवहरा अवसर मिलेगा। योगी सरकार पहले ही यूपी के संस्कृति विद्यालयों को बढ़ावा देने की कवायद में जुटी है।

5 एकड़ जमीन में बनेगा रिसर्च सेंटर
अधिकारियों ने बताया कि वैदिक ज्ञान और परंपरा को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सीतापुर जिले के ठाकुरनगर, नैमिषारण्य में वैदिक विज्ञान अध्ययन और अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए पांच एकड़ जमीन आवंटित की है।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है,
वैदिक विज्ञान अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र के ब्लूप्रिंट पर वर्तमान में उच्च स्तरीय चर्चा चल रही है। केंद्र में वैदिक विज्ञान से संबंधित विषयों पर शोध कार्य किए जाएंगे और प्रकाशित किए जाएंगे। अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए पहले 25 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, जिसका निर्माण राज्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना था।
शोध कार्य पर किया जाएगा फोकस
अधिकारियों ने बताया कि, "वैदिक विज्ञान अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र के ब्लूप्रिंट पर वर्तमान में उच्च स्तरीय चर्चा चल रही है। केंद्र में वैदिक विज्ञान से संबंधित विषयों पर शोध कार्य किए जाएंगे और प्रकाशित किए जाएंगे।"
अधिकारियों के मुताबिक,
संस्थान न केवल विभिन्न वैदिक विषयों का पाठ्यक्रम डिजाइन करेगा, बल्कि वैदिक वास्तुकला या वास्तु शास्त्र में मास्टर कार्यक्रम भी प्रदान करेगा। नोट में कहा गया है कि अध्ययन केंद्र में एक बड़ी वैदिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी जिसमें 50,000 किताबें होंगी। इस केंद्र में वाराणसी के दशाश्वमेध घाट के मान मंदिर की तरह एक वेदशाला, वैदिक संग्रहालय, वेदोदयन, तारा मंडल और विज्ञान प्रयोगशाला होने का दावा किया जाएगा।
300 छात्रों के लिए बनेगा छात्रावास
इसके अलावा, 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ एक समिति कक्ष का निर्माण किया जाएगा। वहां गुरुकुल परंपरा के अनुरूप कक्षाओं का निर्माण कराया जाएगा। पूरी सुविधा वैदिक वास्तु के अनुसार एक मंदिर की तरह बनाई जाएगी। वहां एक वेद मंदिर भी बनेगा जहां चारों वेदों का प्रतिनिधित्व करने वाली किताबें और मूर्तियां रखी जाएंगी। इसके अलावा 300 छात्रों के रहने के लिए एक छात्रावास का भी निर्माण किया जाएगा।












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