UP Urban Development Department: स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की लंबित परियोजनाओं पर Yogi सरकार करेगी फोकस
उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर एक डिटेल रिपोर्ट मांगी है। सरकार की मंशा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा अगले वित्तीय वर्ष के लिए राज्य सरकार कितना डिमांड करेगी।

UP Urban Development Department: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब यूपी में स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं पर फोकस करेगी। विभाग के आला अफसरों की माने तो यूपी के दस नगर निगमों से कहा गया है कि वह अपने इलाके की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की योजनाओं में तेजी लाएं ताकि अगले सत्र में आवश्यक बजट को लेकर राज्य सरकार केंद्र सरकार के सामने अपना सही दावा प्रस्तुत कर सके।
प्रस्तावों के हिसाब से केंद्र से बजट मांगेगी सरकार
राज्य शहरी विकास विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र से धन का दावा करने के लिए, उन्हें प्रस्तावों के साथ आने और लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए कहा गया है। उत्तर प्रदेश शहरी विकास विभाग ने लखनऊ सहित 10 नगर निगमों को केंद्र से आवश्यक बजट का दावा करने के लिए स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत काम में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
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इन नगर निगमों को उस समय सीमा में कुल 1,568 की राशि खर्च करनी होगी, जिसमें से 50% राशि (784 करोड़) केंद्र सरकार द्वारा दी जानी है और शेष राज्य सरकार द्वारा साझा की जाएगी। परियोजनाओं में तेजी लाने के अलावा, इन नगर निगमों को केंद्र से धन की मांग के प्रस्तावों के साथ आने का भी निर्देश दिया गया है। इस तरह के निर्देश जून के बाद जारी किए गए हैं, केंद्र फंड जारी करना बंद कर देगा और इस उद्देश्य के लिए निर्धारित राशि व्यपगत हो जाएगी।
यूपी के 10 शहरों में चल रहा स्मार्ट सिटी का काम
राज्य शहरी विकास विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
स्मार्ट सिटी योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 10 शहरों में काम चल रहा है और इसे चार महीने में यानी इस जून तक पूरा करना होगा। इन सभी शहरों को इस दौरान 1,568 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इसके पीछे कारण यह है कि जून के बाद केंद्र और फंड जारी नहीं करेगा। ऐसे में नगर निगमों को निर्देश दिया गया है कि चल रहे कार्यों को पूरा करने के अलावा केंद्र सरकार से शेष राशि की मांग के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। अगर प्रस्ताव समय पर नहीं भेजे गए तो फंड लैप्स हो सकता है।

जून के बाद फंड नहीं जारी करेगा केंद्र
इस अवधि के बाद केंद्र सरकार पैसा देना बंद कर देगी और शेष काम राज्य सरकार को अपने खर्चे पर करवाना होगा। अधिकारी ने बताया कि नगर विकास विभाग ने संबंधित नगर निगमों को शेष बचे कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में यूपी के 10 शहरों लखनऊ, मुरादाबाद, कानपुर, सहारनपुर, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, झांसी, वाराणसी और बरेली को चुना है।












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