सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए योगी सरकार ने उठाया ये कदम, जानिए क्या है PMG की हकीकत
उत्तर प्रदेश में विकास को गति देने के लिए काम कर रही योगी सरकार में पारदर्शिता लाने की दृष्टि से Project Monitoring Group (PMG) ने लगभग 85 प्रतिशत मामलों का समाधान किया है। सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि राज्य के पीएमजी पोर्टल पर दर्ज कुल 322 मामलों में से अब तक 274 का निपटारा किया जा चुका है।

उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने सभी संबंधित विभागों और सभी जिलाधिकारियों को पीएमजी पोर्टल पर शामिल किया है। इस पोर्टल की उपयोगिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने कई गंभीर मामलों को सुलझाया है। चंदौली जिले के जफरपुर गांव में ईडीएफसी परियोजना के तहत फ्लाईओवर के निर्माण का निस्तारण किया गया है।
बरेली-सीतापुर एनएच-24 परियोजना में शाहजहांपुर के सबसे पुराने हनुमान मंदिर को स्थानांतरित करने का मामला जनभावना को ध्यान में रखकर निस्तारित किया गया है। इसके अलावा बंगारिया व गंगापुरवा गांव से नेयली पावर प्लांट के तहत मुख्य पहुंच मार्ग पर अवैध कब्जे को हटाया गया।
पोर्टल पर सुनवाई के बाद गंभीर मामलों में हुई कार्रवाई
इसके अलावा पोर्टल पर तेजी से सुनवाई के बाद कई गंभीर मामलों पर कार्रवाई की गई है। इनमें दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, टांडा थर्मल पावर प्लांट, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे मामले शामिल हैं। एक सरकारी अधिकारी ने कहा, 'वर्तमान में जो मामले लंबित हैं, वे रेलवे, ऊर्जा, सड़क और राजमार्ग, नागरिक उड्डयन और संचार से संबंधित हैं।
PMG DPIIT की संस्थागत व्यवस्था है। इसका उद्देश्य 500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समस्याओं का समाधान करना और नियामक बाधाओं को दूर करना है। पीएमजी सभी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) परियोजनाओं के अनसुलझे मुद्दों को देखता है और अनुमोदन में तेजी लाने, इस क्षेत्र को नीतिगत मुद्दों और बाधाओं को दूर करने के लिए काम करता है।












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