PM मोदी के सपनों को उड़ान देगी योगी सरकार, नीति आयोग इस तरह करेगा मदद
लखनऊ, 22 जुलाई: उत्तर प्रदेश में हाल ही में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आए पीएम मोदी ने कहा कि यूपी देश का ग्रोथ इंजन बन सकता है। पीएम मोदी के इसी ख्वाब को पूरा करने के लिए अब योगी सरकार ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। दरअसल उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 10 खरब तक पहुंचाने के लिए योगी ने पिछले दिनों एक कंसलटेंट कम्पनी का चयन किया जो सरकार को समय समय पर अपने सुझाव देगी। उसी कड़ी में अब नीति आयोग ने योगी सरकार की मदद के लिए बड़ी पहल की है। नीति आयोग की एक टीम लखनऊ में तैनात की जाएगी जो विभिन्न परियोजनाओं को आकार देने में सरकार की मदद करेगी।

नीति आयोग की टीम करेगी सरकार की मदद
दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नवनियुक्त नीति आयोग के सीईओ परमेश्वरन अय्यर और संगठन के अन्य वरिष्ठ सदस्यों से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद यह बात सामने आई कि विभिन्न परियोजनाओं की योजना बनाने और उन्हें लागू करने में सरकार की सहायता के लिए अब नीति आयोग की एक टीम लखनऊ में तैनात की जाएगी। यह टीम तकनीकी या कोई अन्य सहायता प्रदान करने के लिए मौजूद रहेगी, जिसकी सरकार को आवश्यकता है।

1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी को लेकर हुई चर्चा
योगी और नीति आयोग की टीम ने राज्य को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की योजनाओं और नीतियों पर चर्चा की। सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए नीति आयोग के सीईओ ने अय्यर ने कहा कि यूपी में क्षमता और अपार संभावनाएं हैं और नीति आयोग राज्य को एसडीजी प्राप्त करने में सभी सहायता प्रदान करेगा।

यूपी को दस सेक्टरों में बांटा गया
सीएम ने उन्हें बताया कि समग्र विकास के लिए यूपी को 10 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक दीर्घकालिक और अल्पकालिक योजना बनाई गई है और प्रत्येक की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने प्रत्येक परिवार को रोजगार सुनिश्चित करने के लिए फैमिली कार्ड और राज्य के जीएसटी संग्रह में वृद्धि के बारे में बात की, जो 2021-22 में 1 लाख करोड़ रुपये हो गया था। योगी ने कहा कि इसी क्रम में राज्य ने 34 जिलों में 100 आकांक्षी ब्लॉकों की भी पहचान की है जहां स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि, कौशल विकास आदि क्षेत्रों से 75 संकेतकों पर विकास परियोजनाओं को लागू किया जाएगा।

यूपी की GDP बढ़ाने पर हुई चर्चा
उन्होंने सीएम फेलोशिप कार्यक्रम का भी उल्लेख किया जिसके तहत परियोजनाओं की निगरानी के लिए और उनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ काम करने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में एक वर्ष के लिए एक कुशल, शिक्षित व्यक्ति को तैनात किया जाएगा। योगी ने राज्य की जीडीपी में वृद्धि पर चर्चा की और कहा कि हर जिला अपनी जीडीपी तैयार कर रहा है. उन्होंने नए हवाई अड्डों और एक्सप्रेसवे के माध्यम से यूपी में बेहतर हवाई और सड़क संपर्क के बारे में बात की।

ग्लोबल इनवेस्टर समिट में 10 लाख करोड़ का लक्ष्य
दरअसल सीएम ने जनवरी 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का भी जिक्र किया जिसमें सरकार ने 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि एक जिला-एक उत्पाद योजना के कारण पिछले पांच वर्षों में यूपी से निर्यात 88,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.56 करोड़ रुपये हो गया है। सीएम योगी ने इसके लिए यूपी के अफसरों को टास्क भी पकड़ा दिया है। जल्द ही इस समिट को लेकर कई देशों में रोड शो का आयोजन किया जाएगा। खास बात यह है कि इस समिट के लिए यूपी में निवेश के इच्छुक अप्रवासी भारतीयों से भी संपर्क साधा जाएगा।












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