कोविड महामारी : माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए योगी सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, जानिए
लखनऊ, 19 जुलाई: उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। इस लिहाज से कोरोना महामारी की दूसरी वेब के दौरान काफी संख्या में लोग इससे प्रभावित हुए। महामारी की वजह से अपने माता पिता को खोने के बाद 'मानसिक आघात' झेल रहे बच्चों की मदद के लिए सरकार आगे आई है। सरकार ने अपनी तरफ से पहल करते हुए कहा है कि अब वह यूपी के सभी 75 जिलों में इन बच्चों की देखभाल के लिए विशेषतौर पर प्रशिक्षित परामर्शदाता को रखा जाएगा जो इनका ख्याल रख सके। यूपी ऐसा पहला राज्य बना है जहां इस तरह की पहल की गई है।

सभी जिलों में लगाए गए 300 काउंसलर
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक यूपी में 30 प्रतिशत ऐसे बच्चे थे जो अपने माता-पिता दोनों को महामारी में खो चुके थे। माता पिता को खोने के बाद अब ये बच्चे मानसिक तौर पर परेशान हैं और इनकी मदद करने के लिए सरकार ने ये पहल की है। इसके तहत अब योगी सरकार मानसिक आघात झेल रहे कोविड प्रभावित बच्चों की काउंसलिंग करवा रही है। इसके लिए यूपी के सभी 75 जिलों में 300 से अधिक काउंसलर बच्चों से संवाद स्थापित कर रहे हैं।

बच्चों को अवसाद से बाहर निकालने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक सीएम योगी की निगरानी में महिला एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी एसे बच्चों की पहचान कर रहे हैं जो मानसिक तौर पर आघात झेल रहे हैं। ऐसे बच्चों की मदद के लिए काउंसिलिंग की मदद से उन्हें दुख से बाहर निकलने में मदद की जा रही है। यह एक ऐसी पहल है जो देश में और किसी भी राज्य में नहीं शुरू की गई है। इसका लाभ भी बच्चों को मिल रहा है और वह अवसाद से बाहर आने में कामयाब हो रहे हैं।

बच्चों का जीवन सुधारने का प्रयास कर रही सरकार
निदेशक महिला एवं बाल विकास मनोज राय ने बताया कि यह देश में अपने तरह का एक अनूठा प्रयोग है जिसे चलाया जा रहा है। इसके तहत ऐसे बच्चे जो कोविड के दौरान अपने माता-पिता या किसी एक को खो चुके हैं उनके साथ नैतिक रूप से खड़े होने की कोशिश की जा रही है। इसकी मंशा यही है कि उन्हें इस दुख से बाहर निकाला जा सके ताकि वो अपना जीवन अच्छे से जी सकें। उनके गुणवत्तापूर्ण जीवन की मंशा को ध्यान में रखकर ही यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है और इसपर पूरी तरह से निगरानी भी रखी जा रही है।

1100 से अधिक बच्चों की पहचान की गई
राय की माने तो सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ही यूपी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत जून 2021 में की गई थी। महामारी के दौरान जिन बच्चों के सिर से मां-बाप या किसी एक भी साया उठ गया है उनकी काउंसिलिंग करवाकर उनके जीवन को पटरी पर लाने की एक कोशिश की जा रही है। अब तक इस योजना के तहत यूपी में 1100 से अधिक कोविड प्रभावित बच्चों की पहचान की गई है। इन बच्चों के अब यूनिसेफ और माइंड पाइपर संस्था के सहयोग से सभी जिलों में 300 से अधिक परामर्शदाताओं को प्रशिक्षित किया गया था।












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