OPINION: यूं नहीं योगी आदित्यनाथ की बढ़ रही लोकप्रियता, इस तरह से बदल रहे हैं प्रदेश की तस्वीर
अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी एक बार से सत्ता में वापसी की तैयारी में जुट गई है। लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लिए भारतीय जनता पार्टी के लिए उत्तर प्रदेश सबसे अहम राज्य है। ऐसे में प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की भूमिका काफी अहम रहने वाली है।
उत्तर प्रदेश से जुड़ी तमाम योजनाओं को प्रदेश सरकार एक-एक करके जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में गंगा एक्सप्रेस वे काफी अहम होने वाला है। इस एक्सप्रेस वे को 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दिसंबर 2024 तक हर हाल में इस एक्सप्रेसवे को पूरा किया जाए, ताकि 2025 में होने वाले कुंभ में श्रद्धालुओं के लिए इस एक्सप्रेसवे को शुरू किया जा सके।
गंगा एक्सप्रेसवे की बात करें तो इसके लिए जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर हाल में दिसंबर 2024 तक इस एक्सप्रेसवे को पूरा किया जाए ताकि 2025 में इसे श्रद्धालुओं के लिए खोला जा सके।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे एक औद्योगित क्लस्टर तैयार किया जाए। गंगा एक्सप्रेसवे के साथ गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस का भी तेजी से निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस को झांसी और चित्रकूट से जोड़ना बहुत जरूरी है ताकि बुंदेलखंड को नई समृद्धि की ओर ले जाया जा सके।
प्रदेश में अबतक 21 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कोरिडोर के लिए हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ब्रम्होस एयरोस्पेस, एरोलॉय टेक्नोलॉजी, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड, एमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स और एंकर रिसर्च जैसी बड़ी कंपनियों ने निवेश किया है और अपनी ईकाोई को लगा रही है, जोकि प्रदेश के भविष्य को बदलने का काम करेगा।
बता दें कि केंद्र की ओर से भी यूपी को वित्तीय मदद मुहैया कराई जा रही है। जिस तरह से प्रधानमंत्री मोदी डबल इंजन सरकार की बात करते हैं उह उसे आगे भी बढ़ाते नजर आ रहे हैं। केंद्र की ओर से अब 18 हजार करोड़ रुपए की विशेष सहयाता राशि देने का ऐलान किया गया है। जिसमे से 11259 करोड़ रुपए दे भी दिए गए हैं।
लिहाजा केंद्र इस बात को लेकर सुनिश्चित होना चाहता है कि प्रदेश के विकास में वित्तीय संकट सामने ना आए। केंद्र की ओर से राज्यों को सहायता के लिए एक लाख करोड़ रुपए का फंड आवंटित किया है, जिसमे से सर्वाधिक यूपी को दिया गया है। पिछले वर्ष यूपी को 6512 करोड़ रुपए की मदद दी गई थी लेकिन इस बार इसे तकरीबन तीन गुना बढ़ाया गया है।












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