World River Day 2023: जानिए यूपी सरकार की खास पहल, जिससे 'नदियों को मिल रहा अधिकार'
World River Day 2023: नदियां हमारी सभ्यता व संस्कृति हैं। वर्ष 2023 में इसका थीम है 'नदियों का अधिकार', जो नदियों को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करने की मांग करती है। इसी थीम को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं वर्तमान समय में नदियों को स्वच्छ बनाने और उनके अधिकारों के लिए काम कर रही हैं। वर्तमान समय में नदियों को स्वच्छ बनाने के साथ उन्हें पर्यटन स्थल के रुप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार नदियों पर विशेष ध्यान देने का कार्य कर रही है।
नदियों का विशेष धार्मिक महत्व
भारत नदियों का देश है। नदियों का विशेष धार्मिक महत्व भी है। नदियों को पवित्र, श्रेष्ठ, और पूजनीय माना गया है। साथ ही इसे देवी और मां का दर्जा प्राप्त है। इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार नदी किनारों को तीर्थ स्थल के रुप में विकसित करने का काम कर रही है। इसी क्रम में गोरखपुर, अयोध्या, मथुरा, वाराणसी, प्रयागराज सहित यूपी के कई शहरों में नदियों पर विशेष कार्य किया गया है।

नदियों की स्वच्छता के लिए हो रहा यह कार्य
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नदियों के रिवर फ्रंट विकसित किये गए हैं। यहां पर्यटकों के घूमने के लिए स्थान भी बनाए गए हैं। वर्तमान समय में कई बड़े कदम यूपी सरकार उठा रही है। जिसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को पूर्व अवस्था में लाना और बढ़ावा देना तथा सीवेज के प्रवाह की जाँच के लिये रिवरफ्रंट के निकास बिंदुओं पर प्रदूषण को रोकने हेतु तत्काल अल्पकालिक कदम उठाना शामिल हैं। प्राकृतिक मौसम परिवर्तन में बदलाव के बिना जल प्रवाह की निरंतरता बनाए रखना भी शामिल है। इसके साथ ही
वृक्षारोपण के माध्यम से हो रहा यह कार्य
क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पतियों के पुनर्जीवन और उनका रखरखाव करने का कार्य भी यूपी सरकार कर रही है।
गंगा नदी बेसिन की जलीय जैव विविधता के साथ-साथ तटवर्ती जैव विविधता को संरक्षित और पुनर्जीवित करने का कार्य भी किया जा रहा है। करोड़ों की संख्या में सरकार वृक्षारोपण कर रही है। जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे और नदियों के कटान को भी रोका जा सके।
प्रदूषण मुक्त कर नदियों में गिर रहे कचरे
उत्तर प्रदेश सरकार ने नदियों में गिरने वाले कचरों का भी प्रदबंधन किया है। वर्तमान समय में प्रदेश के शहरों में स्थित सभी नालों को जोड़कर उसके कचर को प्रदूषण मुक्त बनाने के बाद ही नदियों में गिराया जा रहा है। स्वच्छ गंगा मिशन के तहत प्रत्येक घर को एसटीपी से सीधे जोड़ने का प्रोजेक्ट भी तेजी से काम कर राह है।
जल को स्वच्छ बनाने का काम
नालों की टैपिंग कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जल को स्वच्छ बनाने का काम किया जा रहा है। अलग-अलग हिस्सों मेंएसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) और एक सीईटीपी (कॉमन इफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट) लगा रखे हैं।
पर्यटन व रोजगार को भी नदियों से हो रहा फायद
नदियों के सुदंरीकरण ने उत्तर प्रदेश में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। कई वर्षोे की तुलना में इधर उत्तर प्रदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। इसके ही इन स्थलों पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।












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