अलीगढ़ में एक शख्स ने जिंदा पत्नी का किया अंतिम संस्कार, अस्पताल ने बताया था मृत

रचना के परिजनों ने बताया कि बीते साल 13 दिसंबर को वह बुलंदशहर स्थित अपने घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी को लेकर उसके पति देवेश चौधरी और 11 अन्य के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कीं।

अलीगढ़। शादी के कुछ महीनों बाद जिंदा जलाए जाने की आशंका से यूपी पुलिस ने अंतिम संस्कार के दौरान एक युवती की अधजली लाश को बाहर निकाला। घटना अलीगढ़ की है। 24 साल की रचना सिसोदिया के परिजनों ने उसके पति पर अंतिम संस्कार के नाम पर उसे जिंदा जलाने का आरोप लगाया है।

70 फीसदी जल चुका था शरीर

70 फीसदी जल चुका था शरीर

नोएडा के एक अस्पताल की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 फरवरी को इलाज के दौरान रचना की मौत हुई थी। उसे दिल की बीमारी थी। हालांकि अलीगढ़ में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में इस बात के संकेत मिले हैं कि जिस वक्त उसे जलाया गया तब उसकी सांसें चल रही थीं। जिस वक्त रचना के शव को बाहर निकाला गया वह 70 फीसदी जल चुकी थी। READ ALSO: डीयू विवाद: ABVP के दो कार्यकर्ता गिरफ्तार, आइसा समर्थकों पर हमले का आरोप

13 दिसंबर को हुई थी लापता

13 दिसंबर को हुई थी लापता

रचना के परिजनों ने बताया कि बीते साल 13 दिसंबर को वह बुलंदशहर स्थित अपने घर से लापता हो गई थी। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी को लेकर उसके पति देवेश चौधरी (23) और 11 अन्य के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कीं। रचना के मामा कैलाश सिंह ने कहा, 'हमने उसे काफी खोजा लेकिन सब बेकार रहा। बाद में हमें पता चला कि वह देवेश के साथ रह रही है। हम अलीगढ़ के उस गांव भी पहुंचे लेकिन वे वहां नहीं मिले।' पड़ोसियों के मुताबिक देवेश और रचना शादी के बाद काफी कम समय के लिए अलीगढ़ में रहे और बाद में नोएडा शिफ्ट हो गए। READ ALSO: 3 साल की बच्ची से स्कूल के डायरेक्टर ने किया रेप, केस दर्ज

अस्पताल ने किया ये दावा

अस्पताल ने किया ये दावा

रचना नोएडा में रहकर ग्रेजुएशन की पढ़ाई करती थी। पुलिस ने बताया कि लड़की को 23 फरवरी को ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा हॉस्पिटल के मेडिकल साइंस एंड रिसर्च स्कूल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल की ओर दी गई जानकारी के मुताबिक, 'उसे बुखार और ठंड के अलावा दर्द और दस्त की समस्या भी थी। 25 फरवरी को रात में करीब पौने 12 बजे उसने आखिरी सांस ली। उसे दिल का दौरा पड़ा था।' READ ALSO: क्या इन वजहों से गुरमेहर ने खुद को ABVP के खिलाफ कैंपेन से किया अलग?

लाश किसकी थी ये भी स्पष्ट नहीं

लाश किसकी थी ये भी स्पष्ट नहीं

शारदा हॉस्पिटल के डॉक्टर अब भी अपनी बात पर अड़े हैं लेकिन अलीगढ़ में कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से अब सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर पंकज मिश्रा ने कहा कि बॉडी 70 फीसदी जल चुकी थी इसलिए कुछ भी स्पष्ट नहीं कहा जा सकता है कि यह रचना की ही थी। उधर, देवेश ने कहा कि उसके ससुराल वाले उसे और उसके रिश्तेदारों को फंसा रहे हैं।

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