यूपी: पुलिस और भीड़ के सामने महिला ने खा लिया जहर, वीडियो
शाहजहांपुर में एक महिला ने खेत में खड़ी फसल की बर्बादी देख पुलिस और तहसीलदार के सामने ही जहर खा लिया।
शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में तहसीलदार और पुलिस दबंगों का साथ देते नजर आए। पुलिस और तहसीलदार ने दबंगों के साथ मिलकर 6 एकड़ जमीन पर खड़ी फसल को बर्बाद करने के बाद उस पर दबंगो का कब्जा करा दिया। जमीन पर फसल बोनेवाली महिला ने विरोध किया तो पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। महिला की आंखों के सामने उसकी बोई फसल बर्बाद हो रही थी जिसको वह बर्दाश्त नही कर पा रही थी। तभी महिला ने पुलिस और तहसीलदार के सामने ही जहर खा लिया जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। महिला की बोई हुई फसल बर्बाद कर दी गई।

मंजीत कौर ने हाईकोर्ट से लिया स्टे
थाना बंडा के ग्राम लुकमानपुर बहेड़ी निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि करीब चालीस साल पहले गोमती नदी के किनारे की परती पड़ी जमीन को उन्होंने बराबर कर कृषि योग्य बनाकर फसल उगानी शुरू की थी। इसके बाद उक्त जमीन श्रेणी तीन के अंतर्गत उनकी पत्नी मंजीत कौर के नाम अभिलेखों मे दर्ज हो गई थी। करीब तीस साल पहले विभाग के किसी कर्मचारी ने अभिलेखों मे हेरफेर कर उक्त जमीन को ग्राम समाज मे दर्जकर गांव के ही 6 लोगो के नाम पट्टे कर दिए। बताया कि जब उन्हें पट्टों के बारे मे जानकारी हुई तो उन्होंने हाईकोर्ट मे याचिका दायर कर स्टे करा लिया जिसमे कोर्ट ने आदेश किया कि मुकदमे के दौरान कुलदीप सिंह, मंजीत कौर, को जमीन से बेदखल न किया जाए। कोर्ट के आदेश के बाद भी तहसीलदार केएम दीक्षित ने राजस्व टीम और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर उसके खेत मे खड़ी बाजरे की फसल को बर्बाद करना शुरू दिया।

पुलिस-प्रशासन के सामने खा लिया जहर
मंजीत कौर के विरोध करने पर भी जब पुलिस और प्रशासन ने नही माना तो मंजीत कौर ने तहसीलदार और पुलिस बल के सामने ही जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों मे खलबली मच गई। किसी अनहोनी के डर की वजह से पुलिस ने फौरन सरकारी गाड़ी से महिला को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया जहां डाक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताई है।

डीएम ने कहा, मामले की जांच कर होगी कार्रवाई
तहसीलदार केएम दीक्षित का कहना है कि जिलाधिकारी के आदेश पर जिसके नाम जमीन थी उसको कब्जा दिला दिया है उनका कहना है कि मौके पर कोई स्टे नहीं दिखाया गया था। महिला के जहर खाने की जानकारी उन्हे नही है। डीएम नरेंद्र सिंह ने फोन पर बताया कि दो पक्षों का विवाद एक खेत को लेकर चल रहा था। उसमें दोनो पक्षों के कागज तहसीलदार ने हमको दिखाए थे। उसके बाद हमने तहसीलदार को आदेश दिया था कि मौके पर जाकर जो विवाद हो उसका निस्तारण करें न कि किसी भी पक्ष को कब्जा दिलाएं या किसी कि फसल को बर्बाद करें। अगर किसी अधिकारी ने फसल बर्बाद की है या किसी पक्ष को कब्जा दिलवाया है तो उसकी जांच की जाएगी। उसके खिलाफ कार्रवाई अमल मे लाई जाएगी।
देखिए इस मामले का पूरा वीडियो
सीओ पुवायां सुमित शर्मा का कहना है कि दो पक्षों मे खेत का विवाद चल रहा था। जिसकी जांच करने तहसीलदार मौके पर जा रहे थे सुरक्षा के अहतियात से तहसीलदार ने फोर मांगी थी। पुलिस ने अपनी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस वहां पर प्रशासनिक अधिकारियों के सुरक्षा के लिए गई थी। अगर पुलिस पर किसी तरह का फसल उजाड़ने का आरोप लगाया रहा है तो उसकी जांच की जाएगी। अगर इस मामले में किसी पुलिसकर्मी की मिलीभगत साबित होती है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।












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