सोनिया के गढ़ पर टिकी BJP की निगाहें, अमेठी के बाद कांग्रेस के हाथ से फिसलेगी रायबरेली ?
लखनऊ, 25 अगस्त : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद बीजेपी ने 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। बीजेपी ने पिछले आम चुनाव में कांग्रेस के गढ़ अमेठी का किला ढहाने में सफलता पा ली थी। उसके बाद अब 2024 में बीजेपी की नजरें रायबरेली पर टिकी हुई हैं। रायबरेली में एक तरफ जहां सीएम योगी आदित्यनाथ बीजेपी की रणनीति के तहत आगे बढ़ रहे हैं वहीं वहां के स्थानीय नेता जो कभी सोनिया का खास हुआ करते थे अब बीजेपी के इस मुहिम में उसकी सहायता कर रहे हैं।

कांग्रेस के पास यूपी की एकमात्र लोकसभा सीट है रायबरेली
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को रायबरेली पहुंचे थे और वहां स्वतंत्रता सेनानी राणा बेनी माधव बख्श सिंह की 218वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। रायबरेली के भाजपा नेताओं का दावा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की लोकसभा सीट रायबरेली में आने वाले महीनों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के और दौरे देखने को मिल सकते हैं क्योंकि पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से यह सीट छीनने का टारगेट सेट किया है। यह यूपी की एकमात्र लोकसभा सीट है जिसे कांग्रेस ने 2019 के लोकसभा चुनाव में जीता था।

रणनीति के तहत रायबरेली में आएंगे बीजेपी नेता
सूत्रों की माने तो केंद्रीय मंत्री और अमेठी सांसद स्मृति ईरानी 28 अगस्त को विभिन्न विकास कार्यक्रमों की निगरानी के लिए जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए रायबरेली का दौरा करेंगी। इसके बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, जिन्हें रायबरेली लोकसभा सीट के लिए भाजपा का प्रभारी नियुक्त किया गया है, वह भी जल्द ही रायबरेली जाएंगे। स्थानीय भाजपा नेताओं का दावा है कि रायबरेली में पार्टी की लोकप्रियता बढ़ रही है।

सोनिया के खास दिनेश प्रताप सिंह बढ़ाएंगे कांग्रेस की मुश्किल
इस मौके पर बीजेपी के एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि कार्यक्रम में सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्वीकार्यता और रायबरेली के लोगों के बीच भाजपा की लोकप्रियता को दर्शाता है। हमें यकीन है कि रायबरेली में कमल खिलेगा और भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में सीट जीतेगी। रायबरेली की राजनीति में कई लोग सक्रिय हैं। रायबरेली के पहले सांसद के ससुर प्रधानमंत्री थे, उनकी पत्नी पीएम थीं और उनके बेटे भी थे। उनकी बहू सुपर प्राइम मिनिस्टर थीं। लेकिन रायबरेली के पहले सांसद की कहीं भी मूर्ति नहीं है। राणा बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक समिति ने रायबरेली में इतनी बड़ी मूर्ति स्थापित करवाई है। मैं इसके लिए राणा बेनी माधव स्मारक समिति का आभारी हूं।

अदिति सिंह का दावा- 2024 में बीजेपी जीतेगी रायबरेली सीट
बीजेपी विधायक अदिति सिंह ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने 'लड़की हूं लड़ सकती हूं' का नारा दिया है लेकिन वो अपने नारे पर खरा उतरने का काम नहीं कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा 2024 में रायबरेली लोकसभा सीट जीतेगी। रायबरेली विधायक के रूप में, मैं इसके लिए सभी प्रयास करूंगी। हालांकि योगी आदित्यनाथ ने अपने इस दौरे के समय कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनकी पार्टी के नेताओं ने ऐसा करने से परहेज नहीं किया। योगी ने 2019 में स्वतंत्रता सेनानी की याद में आयोजित इसी तरह के एक कार्यक्रम में शिरकत की थी।

योगी के सीएम बनने के बाद बदला रायबरेली का समीकरण
दिनेश प्रताप सिंह पहले कांग्रेस एमएलसी रह चुके हैं। वह 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले रायबरेली में कांग्रेस छोड़ने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में भाजपा में शामिल होने वाले पहले लोगों में शामिल थे। सिंह के भाई और तत्कालीन कांग्रेस विधायक राकेश सिंह, तत्कालीन कांग्रेस विधायक अदिति सिंह 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए थे। दरअसल यूपी में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद रायबरेली के ठाकुर समुदाय से जुड़े कई नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। ये सभी नेता एक समय में कांग्रेस की रीढ़ हुआ करते थे।












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