Danish Rao कौन थे, जो AMU के कैंपस में गोलियों से भूना गया? धमकी की गूंज-'तुम मुझे नहीं जानते थे, अब जानोगे'
Aligarh Muslim University Campus News Hindi: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) का कैंपस, जो ज्ञान और शांति का प्रतीक माना जाता है, 24 दिसंबर 2025 की रात गोलियों की गूंज से दहल उठा। कैंपस के अंदर दिनदहाड़े नहीं, बल्कि शाम करीब 8:50 बजे एक शिक्षक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने गोली मारने से पहले धमकी दी-'तुम मुझे नहीं जानते थे, अब जान जाओगे।'
स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें सिर में कम से कम दो गोलियां लगीं। दानिश को JN मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, क्योंकि कैंपस में CCTV होने के बावजूद हमलावर फरार हो गए। आइए, जानते हैं दानिश राव कौन थे, घटना कैसे हुई और जांच की ताजा स्थिति क्या है...

Who Was Danish Rao कौन था? शांत शिक्षक और AMU से गहरा नाता
राव दानिश अली (उम्र करीब 43-45 साल) AMU से जुड़े ABK यूनियन हाई स्कूल (बॉयज) में पिछले 11 साल से कंप्यूटर साइंस के शिक्षक थे। वे खुद AMU के पूर्व छात्र थे और यूनिवर्सिटी हॉर्स राइडिंग क्लब के कैप्टन भी रह चुके थे। सहकर्मियों और छात्रों के बीच उनकी इमेज शांत, अनुशासित और मेहनती शिक्षक की थी। कोई बड़ा राजनीतिक या विवादित चेहरा नहीं थे, बल्कि चुपचाप पढ़ाने वाले आम शिक्षक।
परिवार: पढ़ा-लिखा और AMU से जुड़ा। पिता प्रोफेसर हिलाल नाज़ (या हिलाल राव) AMU से रिटायर्ड कर्मचारी थे। मां सैयदा खातून सैय्यद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बॉयज) से रिटायर्ड शिक्षिका हैं। भाई फराज राव AMU पॉलिटेक्निक में प्रोफेसर हैं। ससुर डॉ. मोहम्मद उल्लाह चौधरी मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा विधानसभा से पूर्व कांग्रेस विधायक रह चुके हैं। मूल रूप से बुलंदशहर के दिवाई इलाके से, लेकिन परिवार दशकों से अलीगढ़ के अमीर निशा क्षेत्र में रहता है।
दानिश की रोज की रूटीन थी, डिनर के बाद कैंपस में टहलना या लाइब्रेरी के पास कैंटीन में चाय पीना। घटना वाली रात भी वे दो साथियों के साथ टहल रहे थे। परिवार ने किसी व्यक्तिगत दुश्मनी से इनकार किया है, जो हत्या को और रहस्यमय बना रहा है।
Aligarh Muslim University Shooting: घटना कैसे हुई, धमकी से फायरिंग तक का मिनट-टू-मिनट
- समय और जगह: 24 दिसंबर शाम करीब 8:50 बजे, मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पास कैंटीन/कैनेडी ऑडिटोरियम के सामने।
- हमला: दो नकाबपोश बदमाश स्कूटी पर आए। दानिश और उनके साथियों को रोका। एक हमलावर ने कहा, 'तुम मुझे नहीं जानते थे, अब जान जाओगे' या 'दानिश, अब तुम मुझे जान जाओगे।' इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग- कम से कम 3-5 राउंड, जिनमें 2-4 गोलियां दानिश को लगीं (सिर में मुख्य)।
- फरार: हमलावर तमंचा लहराते हुए फरार। अंधेरा और कोहरा होने से CCTV फुटेज अस्पष्ट।
- इलाज और मौत: दानिश को JN मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया।
AMU प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने कहा: 'लाइब्रेरी के पास गोली चलने की सूचना मिली। घायल को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां मौत हो गई।'
जांच की स्थिति: 6 टीमें लगीं, लेकिन मोटिव अज्ञात
पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया:-
- SSP नीरज कुमार जादौन मौके पर पहुंचे। 6 से ज्यादा टीमें गठित।
- CCTV फुटेज खंगाली जा रही, लेकिन कोहरे से क्लियर नहीं।
- फॉरेंसिक टीम ने सैंपल लिए। हमलावरों की तलाश में अलर्ट।
- मोटिव अभी अज्ञात। परिवार ने दुश्मनी से इनकार किया। पुलिस सहकर्मियों और परिवार से पूछताछ कर रही
- SSP ने कहा: 'जल्द गिरफ्तारी होगी। कई टीमें काम कर रही हैं।'
कैंपस में माहौल: भय, आक्रोश और सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद कैंपस में शोक और गुस्सा। छात्र-शिक्षक जुटे, सुरक्षा पर सवाल उठे। AMU में पहले भी विवाद हुए, लेकिन कैंपस के अंदर दिनदहाड़े हत्या ने सबको हिला दिया। वाइस चांसलर प्रो. नईमा खातून ने कहा:- 'ट्रेजिक लॉस, आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे।'
राजनीतिक बयान: सपा नेता ने योगी सरकार पर निशाना साधा- 'जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, लेकिन शिक्षक तक सुरक्षित नहीं।'
रहस्यमय हत्या, जांच का इंतजार
दानिश राव एक साधारण शिक्षक थे, जिनका AMU से गहरा जुड़ाव था। धमकी वाली बात से लगता है कि हमलावर उन्हें जानते थे, लेकिन मोटिव क्या- व्यक्तिगत, पुरानी रंजिश या कुछ और? पुलिस जांच से साफ होगा। यह घटना कैंपस सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। क्या जल्द खुलासा होगा? आपका विचार क्या है? कमेंट्स में बताएं!












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