Who Is Tamanna? कौन हैं बुर्के वाली शिवभक्त तमन्ना, क्यों आई कट्टरपंथियों के निशाने पर?
Who Is Burqa-Clad Shiv Devotee Tamanna: उत्तर प्रदेश के संभल की रहने वाली एक मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक ने आस्था और विश्वास की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने मजहब की दीवारों को झकझोर कर रख दिया है। भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा रखते हुए तमन्ना ने अपनी मन्नत पूरी होने पर हरिद्वार से कांवड़ यात्रा की और संभल पहुंचकर महादेव का जलाभिषेक किया।
बुर्के में कांवड़ लेकर चलते हुए उनका वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वह चर्चा के केंद्र में आ गईं। जहां एक ओर लोग उनकी भक्ति की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वह अपनी इस अनूठी आस्था के कारण कट्टरपंथियों के निशाने पर भी आ गई हैं।

दरअसल, इस महिला का नाम तमन्ना मलिक है और ये हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने पैतृक गांव बदनपुर बस्सी (संभल) कांवड़ लेकर लौटी हैं। इस मुस्लिम महिला का 100 से अधिक शिवभक्तों के जत्थे के साथ 'बोल भोले, हर-हर महादेव' के जयकारे का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला बीच-बीच में 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप भी करती है।
बुर्के वाली शिवभक्त तमन्ना पर लोगों ने बरसाए फूल
रास्ते में बुर्के में कांवड़ लाती तमन्ना को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। शिवभक्त मुस्लिम महिला हरिद्वार से पावन गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा करते हुए बिजनौर जब पहुंची तो रास्ते में नूरपुर, फीना और रतनगढ़ कस्बों में लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया।
पुलिस ने की शिवभक्त तमन्ना की सुरक्षा
इस अनोखी यात्रा को पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। बिजनौर पुलिस ने तमन्ना मलिक को सुरक्षा घेरे में जिले की सीमा पार कराई। रास्ते में स्थानीय हिंदू संगठनों ने फूलों की वर्षा कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, वहीं कई महिलाएँ उन्हें दस, बीस, पचास या सौ रुपये देकर सहयोग किया और हौसला बढ़ाया। कुछ हिंदू संगठन के सदस्य भी उनके साथ यात्रा में चले ताकि रास्ते में कोई दिक्कत न आए।
कौन है बुर्के वाली तमन्ना?
तमन्ना उत्तर प्रदेश के संभल जिले के असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बस्सी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने कुछ साल पहले गाँव के ही रहने वाले अमन त्यागी से लव मैरिज की थी और अब वो गांव में ही अपने पति और ससुराल साथ रहती हैं। उन्होंने बताया कि इस कांवड़ यात्रा का फैसला उन्होंने अपने पति और ससुराल वालों की सहमति से लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके परिवार के कुछ सदस्य और सैकड़ों अन्य कांवड़िये भी उनके साथ यात्रा में हैं, और कुछ रिपोर्ट के अनुसार इनके दो बेटे भी हैं।
तमन्ना को कहां से मिली प्रेरणा, क्यों लिया कांवड़ यात्रा का संकल्प
तमन्ना मलिक ने बताया कि वह वर्षों से कांवड़ यात्रा करते श्रद्धालुओं को देखकर प्रेरित हुई थीं। यही वजह है कि इस बार उन्होंने खुद यह कठिन यात्रा करने का निर्णय लिया। हरिद्वार से संभल तक करीब 220 किलोमीटर पैदल चलकर वह झेमनाथ शिव मंदिर में गंगाजल अर्पित करेंगी और अपने तथा सभी के कल्याण की कामना करेंगी।












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