UP में कांग्रेस की हार का जिम्मेदार कौन, जानिए नतीजों के बाद क्यों मचा है संगठन में घमासान
लखनऊ, 16 मार्च: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समापन के बाद से ही अब कांग्रेस में हार की समीक्षा शुरू हो गई है। कांग्रेस की हार का आलम यह है कि लगभग 90 फीसदी सीटों पर उनके उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। कांग्रेस ने 399 सीटों पर चुनाव लड़ा और केवल दो पर जीत हासिल की। कांग्रेस ने जो दो सीटें जीती हैं, वे हैं फरेंदा और रामपुर खास। कांग्रेस की हार के बाद एक तरफ जहां संगठन के भीतर से ही प्रियंका के खिलाफ आवाज उठने लगी है। संगठन के नेताओं का कहना है कि हार को लेकर सबकी जवाबदेही तय होनी चाहिए चाहे वह प्रियंका गांधी हों या अजय कुमार लल्लू हों।

हार के बाद प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने भेजा इस्तीफा
कांग्रेस की करारी हार के बाद अब इसकी समीक्षा का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि समीक्षा बैठक के दौरान ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने अपना इस्तीफा केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया। इससे पहले भी कांग्रेस में कई नेताओं ने निराशाजनक हार के बाद कांग्रेस में बदलाव को लेकर आवाज उठाया है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सिर्फ लल्लू के इस्तीफे से कांग्रेस की सेहत में सुधार आएगा या उन लोगों की पहचान करनी होगी जो लोग मुख्य भूमिका में थे लेकिन उनका परफार्मेंस बेहतर नहीं रहा। अजय कुमार लल्लू पर पूरी कांग्रेस का दारोमदार था जिसकी वजह से वह अपनी सीट पर उतना समय नहीं दे पाए। इसलिए उनकी हार हो गई। हालांकि आने वाले दिनों में अजय कुमार के बाद कई और नेताओं के इस्तीफे होने तय हैं।
प्रियंका की टीम ले रही थी फैसले तो लल्लू का ही इस्तीफा क्यों
यूपी में कांग्रेस की बुरी गत के लिए क्या सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ही जिममेदार हैं या और भी चेहरे हैं जो असफल हुए हैं। समीक्षा बैठक में अजय ने तो अपना इस्तीफा भेज दिया लेकिन क्या प्रियंका गांधी भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेंगी। यूपी में कांग्रेस को खड़ा करने में वह यूं तो कई सालों से लगी हुई हैं लेकिन आधिकारिक तौर पर पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान ही उन्हें पश्चिमी यूपी का प्रभार सौंपा गया था लेकिन चुनाव के नतीजे अनुकूल नहीं आए। उस समय भी उनकी जवाबदेही नहीं तय की गई। उसके बाद प्रियंका को यूपी का प्रभार सौंप दिया गया। लेकिन कांग्रेस के लोग ही बताते हैं कि वह वामपंथियों से इस कदर घिर गई हैं कि वहां संगठन के नेताओं की सुनवाई ही नहीं हो रही है।
भूपेश बघेल की भूमिका पर उठे सवाल
यूपी चुनाव में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को कांग्रेस में अहम जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन कुछ एक मौकों को छोड़ दिया जाए तो बघेल का काम भी संतोषजनक नहीं था। बघेल की रणनीति यूपी में बुरी तरह से असफल साबित हुई है। संगठन के नेताओं का कहना है कि जवाबदेही तय करनी है तो सबकी होनी चाहिए। वह चाहे प्रियंका गांधी हों या अजय कुमार लल्लू हों। भूपेश बघेल को जिस तरह से यहां का प्रभार दिया गया था उससे ऐसा लग रहा था कि कांग्रेस को फायदा मिलेगा लेकिन उनके कद और रणनीति का यूपी कांग्रेस को कोई लाभ नहीं हुआ।
बीजेपी को दोबारा मिला स्पष्ट बहुमत
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरी बार 41.3 फीसदी वोट के साथ विधानसभा चुनाव जीता, उसके बाद समाजवादी पार्टी को 32 फीसदी वोट मिले। 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने चार राज्यों में जीत हासिल की, जिसमें AAP ने पंजाब को जीत लिया। भाजपा ने चार राज्यों उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और उत्तर प्रदेश में जीत हासिल की। उन्होंने गोवा में 20, मणिपुर में 32, उत्तराखंड में 47 और उत्तर प्रदेश में 255 सीटें जीतीं। इसके अलावा, भाजपा ने उत्तर प्रदेश सहित इन पांच राज्यों में से चार में अपने वोट शेयर में नाटकीय रूप से वृद्धि की।












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