Abhey Singh को IIT बाबा बनाने के पीछे किसका हाथ? कौन हैं वो महंत, जिन्होंने बदली जिंदगी? बदले में मिले अपशब्द!

Who is IIT Baba Guru Someshwar Puri: प्रयागराज के महाकुंभ 2025 (Mahakumbh 2025)में चर्चा का केंद्र बने IIT बाबा उर्फ अभय सिंह का सफर जितना अनोखा है, उतना ही दिलचस्प भी। कभी एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट के रूप में अपनी जिंदगी शुरू करने वाले अभय सिंह आज अपनी आध्यात्मिक छवि, अनोखे अंदाज और विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में हैं।

लेकिन, क्या आप जानते हैं कि उन्हें IIT बाबा बनाने के पीछे किसका हाथ है? यह कहानी एक ऐसे महंत से जुड़ी है, जिन्होंने अभय सिंह को साधु बनने की राह दिखाई और उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। बदले में उन्हें अपशब्द मिले। आइए जानते हैं कौन हैं महंत?...

Who is IIT Baba Guru Someshwar Puri

वाराणसी में हुई अभय की महंत से भेंट

IIT बाबा की आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत वाराणसी से हुई। यहां उन्होंने खुद को भगवान शिव और कृष्ण का अवतार बताया, जिसने उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया। लेकिन उनका जीवन तब बदला जब उनकी मुलाकात संत सोमेश्वर पुरी से हुई। संत सोमेश्वर ने अभय सिंह में आध्यात्मिक क्षमता को पहचाना और उन्हें जूना अखाड़ा में शामिल कराया। यहीं से अभय सिंह का जीवन एक साधारण युवा से IIT बाबा बनने की ओर बढ़ा।

अभय को जूना अखाड़ा लाए, मिले अपशब्द

मीडिया सोर्स के मुताबिक, अभय सिंह ने अपने गुरु महंत सोमेश्वर पुरी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद, उन्हें जूना अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया। महाकुंभ में आकर अभय 'IIT बाबा' के नाम से फेमस हो गए। संत सोमेश्वर पुरी (Saint Someshwar Puri) ने मीडिया से रूबरू होकर कहा कि ऐसा लगता है कि साइंस और अध्यात्म को लेकर उनका इंटेलिजेंस लेवल बहुत ही हाई हो गया है। उनका मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है। वहीं, श्रीमहंत नारायण गिरि ने IIT बाबा को पढ़ा-लिखा पागल बताया है।


छोड़ी बैंक की नौकरी, हिमाचल पर तप: कौन हैं संत सोमेश्वर पुरी? Who is Saint Someshwar Puri

संत सोमेश्वर पुरी एक ऐसे साधु हैं, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में बड़ा बदलाव लाते हुए गृहस्थ जीवन और बैंक की नौकरी को अलविदा कह दिया। 55 साल की उम्र में उन्होंने अपनी स्थिर नौकरी छोड़कर संन्यास का मार्ग चुना। उन्होंने बताया कि यह फैसला एक दिन में नहीं लिया गया, बल्कि नियति उन्हें इस ओर खींच लाई।

संत सोमेश्वर ने हिमालय में 9 महीने तक तप किया और ईश्वर की आराधना में खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। उनके अनुसार, संन्यासी बनना दुनिया का सबसे बड़ा एडवेंचर है। यह ऐसा जीवन है जहां व्यक्ति को रोज कई बार "मरने" और त्याग करने के लिए तैयार रहना पड़ता है।

IIT बाबा की जीवनशैली और विवाद

अभय सिंह, जो अब IIT बाबा के नाम से प्रसिद्ध हैं, अपनी अनोखी जीवनशैली के कारण अक्सर चर्चा में रहते हैं।

  • चिलम और डांस: सोशल मीडिया पर उनके चिलम पीते और डांस करते वीडियो वायरल हो जाते हैं। हालांकि, इन चीजों ने उन्हें विवादों में भी घेरा।
  • सोशल मीडिया की बढ़ती फैन फॉलोइंग: उनका आध्यात्मिक और मजाकिया अंदाज उन्हें युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है।

'ड्यूटी ही भगवान है'

संत सोमेश्वर का मानना है कि जीवन में गंभीरता जरूरी नहीं, लेकिन दिल से करना जरूरी है। जो भी काम करें, पूरी लगन और खुशी के साथ करें। ड्यूटी ही भगवान है। अपने कर्तव्यों को सही ढंग से निभाना भी ईश्वर की भक्ति का एक रूप है। उन्होंने लोगों से कहा कि रोजाना 10 मिनट भगवान के लिए जरूर निकालें।

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