Gyanvapi Survey: क्या है ये GPR मशीन? जिससे ज्ञापवापी में ASI के साथ कानपुर IIT टीम कर रही जांच
Gyanvapi ASI Survey: वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे का बुधवार का छठवां दिन है। सुबह आठ बजे से ही एएसआई (Archaeological Survey of India) की टीम ने ज्ञापवापी के तहखाने और गुंबद का सर्वे कर रही है। इस सर्वे में टीम का ध्यान गु्ंबद के अलावा ज्ञापवापी की ऐतिहासिक इमारत की पश्चिमी दीवार पर है।
अब इस सर्वे में एक ऐसी खास मशीन लगाई है जिसके बाद माना जा रहा है कि ज्ञापवापी का पूरा असली सच जल्द सामने आ जाएगा। आइए जानते हैं कि क्या है जीपीआर मशीन, क्यों अहम होगी इसकी रिपोर्ट?

बता दें ये वो ही मशीन है जिसके लिए ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञों से मदद मांगी है। माना जा रहा है कि इस सर्वे में आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की टीम भी इस सर्वे में शामिल होगी।
ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) से हो रही जांच
इस मशीन को ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) कहते हैं। इस मशीन की मदद से टीम ज्ञापवापी की गहरी जमीन और दीवारों के अंदर छिपी सच्चाई को सामने लाई जाएगी। ये मशीन 50 फुट जमीन के नीचे की जानकारी देगी, वो भी ज्ञानवापी परिसर को नुकसान पहुंचाए बिना, जानिए कैसे?
GPR जमीन और दीवारों में दफ्न सच को लाएगी सामने
ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) वो मशीन है जो जमीन या दीवार के अंदर छिपी चीजों का पूरा नक्शा दिखा देता है। भारतीय सेना भी इसका इस्तेमाल करती है। इसके अलावा भू खनन के समय इस तकनीक का इस्तेमाल करके जमीन के अंदर से सोना, चांदी समेत अन्य धातुओं या अन्य चीजों का पता लगाया जाता है।
इंसान की आंख की तरह काम करती है ये मशीन
साधारण भाषा में बात करें तो इस मशीन के जानकाराें के अनुसार ये इंसान की आंख की तरह काम करती है, जैसे हमारे आंख की रोशनी चीजों से टकरा कर रेटीना तक आकर हमारे माइंड में उसकी पूरी तस्वीर बना देती है। यानी हम उसको विजुअलाइज़ करते हैं ठीक वैसे ये मशीन काम करती है।
क्यों है अहम मानी जा रही है ये जांच
ये मशीन तीन स्टेज में काम करती है। तरंगें भेजने के बाद एक रिसीविंग एंटीना या रिसीवर के माध्यम से इसे कैद किया जाता है। इसमें हाई फीक्वेंसी रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है, ये तरंगे जमीन के अंदर की चीजों से टकराकर वापस लौटती हैं। तरंगों के जरिए एंटीना या रिसीवर की मदद से पूरा मैप कैद हो जाता हैं और एंटीना सी मिली तरंगों से डाटा प्रोसेस करके वर्चुअल फोटो बनाई जाती है। ये जांच इसलिए अहम है क्योंकि ये ज्ञानवापी कें अंदर क्या वाकई में मंदिर है इसका सच सामने लाकर रख देगी।
ज्ञानवापी की जमीन और दीवार की तोड़-फोड़ के सच आएगा सामने
इसकी खास बात ये है कि बिना किसी तोड़फोड़ के मस्जिद के नीचे क्या कोई संरचना है इसका पता लगाएगी। यानी ये मशीन ज्ञापवापी परिसर की जमीन और दीवार की किसी भी सतह को कोई भी नुकसान पहुंचाए बिना काम करेगी और जमीन के अंदर की हूबहू तस्वीर पेश कर देगी। इसकी तरंगे इतनी शक्तिशाली होती है कि वो डामर, पक्की फर्श, तारों के जाल या चूने के पत्थर को भी भेदती हुई पार हो जाती है और ये तरंगे सेंसर को अहम डाटा उपलब्ध करवाती है।












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