क्या है ISIS का खुरासान मॉड्यूल, जिसके तार लखनऊ में सैफुल्ला से जुड़े हैं
लखनऊ में आतंकी सैफुल्ला के पीछे आईएस के खुरासान मॉड्यूल की बात सामने आई है, क्या है यह खुरासान मॉड्यूल।
लखनऊ। मध्य प्रदेश के मुख्यंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस तरह से इस बात का खुलासा किया कि भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में धमाके के पीछे आईएस का हाथ है उसने देश में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। देश की सुरक्षा एजेंसी और खुफिया एजेंसी देशभर में अपनी सक्रियता को बढ़ा दिया है, लेकिन जो सबसे बड़ा सवाल है वह यह कि तमाम एजेंसियों की सक्रियता के बावजूद आईएस भारत में हमले करने में सफल हो गया।

सैफुल्ला को पुलिस ने मार गिराया
यूपी पुलिस ने कानपुर, इटावा में संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया और लखनऊ में संदिग्ध आईएस आतंकी को मार गिराया, सूत्रों की मानें तो खुफिया एजेंसी चार संदिग्ध आईएस आतंकियों पर अपनी नजर बनाए हुए थी, रिपोर्ट के अनुसार चारों संदिग्धों ने जिहादी लेख को डाउनलोड किया था, जिसके बाद उन्होंने फेसबुक के जरिए आईएस से संपर्क साधा था। लखनऊ में सैफुल्ला के कमरे से काफी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद हुए हैं, जिसे 12 घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद मार गिराया गया। एटीएस आईजी असीम अरुण ने बताया कि सैफुल्ला आईएस के खुरासान मॉड्यूल के तहत काम कर रहा था।

क्या है खुरासान मॉड्यूल
आईएस खुरासान मॉड्यूल को खुरासान ग्रुप भी कहते हैं, यह संगठन अल कायदा के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा सीरिया में सक्रिय आईएस के संगठन के लिए काम करता है। इस ग्रुप में छोटे-छोटे ग्रुप में सदस्यों को तैयार किया जाता है, ये सीरिया में अल कायदा की अल नुसरा फ्रंट के लिए काम करते हैं, इसके नेता बेबियन, अलेप्पो और सीरिया से इसका संचालन करते हैं, ये लोग दूसरे देशों में लोगों को अपना सदस्य बनाते हैं जिसमें मुख्य देश पाकिस्तान है।

पाकिस्तान में हमले के पीछे था हाथ
कई रिपोर्ट के अनुसार आईएस का खुरासान मॉड्यूल आईएस से कहीं ज्यादा कट्टर है, इसे 2012 में शुरु किया गया है, इस ग्रुप पर पाकिस्तान की लाल शाबाज कलंदर पवित्र स्थल पर हमला करने का आरोप है जिसमें 75 लोग मारे गए थे। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि खुरासान आईएस के साथ मिलकर काम करता है और उसका मानना है कि आने वाले समय में वह खुरासान में काला झंडा फहराएंगे जोकि इरान, अफगानिस्तान, उजबेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान में है।

ओसामा के साथ भी काम किया था
अन्य रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में पाकिस्तान और तालिबान से लोग आईएस के साथ जुड़े हैं और इन्होंने खुरासान सूरा को निर्माण किया, खुरासान सूरा का मतलब होता है खुरासान परामर्शी। अगर रिपोर्ट की मानें तो अभी तक कम से कम 21 केरला के युवाओं ने आईएस की सदस्यता ली है, माना जा रहा है कि ये ज्यादातर खुरासान मॉड्यूल के तहत काम करते हैं, यह ग्रुप वहाबी सिद्धांत पर काम करता है और यह एक सलाफिस्त आतंकी ग्रुप है। मौजूदा समय में मोहम्मद इस्लामबूली आईएस के खुरासान ग्रुप का नेता है, जबकि सनाफी अल नस्र, मुशिन अल फादली, अबू खैयर अल मस्री इसके अगले बड़े नेता हैं, माना जाता है कि इनमे से कई ने ओसामा बिन लाने के साथ भी काम किया है।












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