वीएचपी ने अयोध्या में रामलला के लिए गर्म कपड़े और रूम हीटर लगाए जाने की मांग की

अयोध्या। बाबरी मस्जिद को विध्वंश की घटना को 25 साल हो गए हैं और उसके बाद से ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक नया विवाद हमेशा के लिए खड़ा गया था। बाबरी विध्वंश के बाद से ही राम मंदिर की तमाम कोशिशें विफल रही हैं और यह मामला ज्यों का त्यों बना हुआ है, लेकिन अब विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले में अपनी नई मांग सामने रखी है, जिससे कि वह राम मंदिर मुद्दे को फिर से धार दे सके। पहली बार आधिकारिक रूप से फैजाबाद डिविजन के कमिश्नर को याचिका भेजी गई है, जिसमें अपील की गई है कि वह राम लला के लिए गर्म कपड़े, ब्लोवर या रूम हीटर देने का आदेश दें, जिससे कि भगवान को यहां गर्म रखा जा सके और उन्हें शीतलहरी से बचाया जा सके।

इससे पहले नहीं की यह मांग

इससे पहले नहीं की यह मांग

इससे पहले पिछली सरकार के कार्यकाल में कभी भी वीएचपी ने इस तरह की मांग नहीं रखी थी, लेकिन योगीराज में वीएचपी ने इस तरह की याचिका सामने रखते हुए, ऐसे में वीएचपी की इस मांग का मुस्लिम पक्ष विरोध कर सकता है। माना जा रहा है कि वीएचपी अपनी इस मांग से भगवान राम की यहां पर उपस्थिति को और मजबूत करना चाहता है। वीएचपी की यह मांग ऐसे समय में यहां सामने आई है जब यह मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में है।

हिंदू मान्यता का दिया हवाला

हिंदू मान्यता का दिया हवाला

वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि मंदिर वहां पहले से ही है, इसपर किसी को कोई संदेह नहीं है। हिंदुओं की धार्मिक मान्यता के अनुसार एक बार जब भगवान के स्थल की स्वीकृति हो जाती है तो वहां प्राण प्रतिष्ठा के बाद भगवान को इंसान की तरह से देखा जाता है। राम लला बालक हैं, लिहाजा उनका खयाल बच्चे की तरह होना चाहिए, ऐसे में गर्म कपड़े उसी का हिस्सा है। वहीं राम लला के मुख्य पुजारी महंत सत्येंद्र दास ने भी वीएचपी की इस मांग का समर्थन किया है, उन्होंने कहा कि मंदिरों में भगवान की इसी तरह से देखभाल की जाती है, उनके खाने पर ध्यान दिया जाता है, आराम करने के समय और कपड़ों का खयाल रखा जाता है। राम लला के लिए सुविधाओं की मांग जायज है क्योंकि यहां मंदिर है और भगवान की यहां पूजा होती है।

मुस्लिम पक्षकारों ने जताई चिंता

मुस्लिम पक्षकारों ने जताई चिंता

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान राम के मंदिर को लेकर अपनी इच्छा पहले ही जता चुके हैं, बतौर मुख्यमंत्री वह पहले ही यहां का दो बार दौरा कर चुके हैं, जहां रामलला विराजमान हैं। वहीं इस मामले में मुस्लिम पक्षकार हाजी महबूब ने वीएचपी की मांग पर चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि इससे पहले इस तरह की कोई मांग पहले कभी नहीं रखी गई। यह मामला कोर्ट में है और विवादित स्थल की स्थिति में कोई भी बदलाव नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को कमिश्नर के सामने रखेंगे। इन सबके बीच फैजाबाद के कमिश्नर मनोज मिश्रा ने कहा कि मुझे याचिका मिली है, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में है, लिहाजा कोई भी फैसला सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही लिया जाएगा।

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