Varanasi New Year Advisory: नए साल पर काशी जाने का प्लान है? पहले ये एडवाइजरी जरूर पढ़ लें, नहीं तो फंस जाएंगे
Varanasi New Year Travel Advisory: नए साल से पहले उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंदिर नगरीयों अयोध्या, काशी और मथुरा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ देखने को मिल रही है। हालात ऐसे हैं कि प्रशासन को लगातार ट्रैफिक नियंत्रण और विशेष इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
अगर आप नए साल का स्वागत बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी में करने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले वहां की मौजूदा स्थिति जानना बेहद जरूरी है। साल खत्म होने से पहले ही काशी में आस्था और पर्यटन का ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा है कि घाट, गलियां और मंदिर परिसर पूरी तरह भरे नजर आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि जरा सी लापरवाही आपकी यात्रा को मुश्किल बना सकती है।

काशी विश्वनाथ धाम में रिकॉर्ड भीड़ (Varanasi New Year Travel)
काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए लंबी कतारें लग चुकी हैं। कड़ाके की ठंड में भी श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। देश के कोने-कोने से लोग वाराणसी पहुंच रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक फिलहाल रोजाना करीब 4 लाख श्रद्धालु धाम में आ रहे हैं और 1 जनवरी को यह संख्या रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
VIP दर्शन बंद, पूरा इलाका नो व्हीकल जोन (Kashi Mandir VIP Darshan)
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने बड़े फैसले लिए हैं। वीआईपी दर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। काशी विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है। यहां तक कि ई-रिक्शा के प्रवेश पर भी पाबंदी है। ऐसे में पैदल चलने की तैयारी करके ही निकलें।
घाटों से बाजार तक जाम ही जाम
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती हो या क्रूज राइड, हर जगह भारी भीड़ देखने को मिल रही है। गोदौलिया, कैंट और आसपास के इलाकों में घंटों तक ट्रैफिक जाम लग रहा है। प्रशासन ने कई जगह ट्रैफिक डायवर्जन किया है, लेकिन भीड़ के आगे व्यवस्था भी दबाव में है।

ठंड और कोहरे ने भी बढ़ाई परेशानी
वाराणसी इस समय भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। सुबह और रात के समय विजिबिलिटी काफी कम हो जा रही है। घाटों पर चलने वाली ठंडी हवाएं ठिठुरन बढ़ा रही हैं। भारी ऊनी कपड़ों के बिना निकलना गलती साबित हो सकता है। कोहरे की वजह से कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं और कुछ फ्लाइट्स रद्द या डायवर्ट की जा रही हैं।
यात्रा से पहले ये सावधानी जरूरी (Varanasi Travel Guidelines)
काशी आने से पहले होटल बुकिंग कन्फर्म करें। ट्रेन या फ्लाइट का स्टेटस बार-बार चेक करते रहें। बुजुर्गों और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं तो अतिरिक्त सतर्कता बरतें। भीड़ और ठंड दोनों ही स्वास्थ्य पर असर डाल सकते हैं।
सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) सोमवीर सिंह ने माईदागिन, विशेश्वरगंज, कज्जाकपुरा और नमो घाट जैसे संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि सवारी चढ़ाने और उतारने के दौरान सड़क पर वाहन खड़ा कर जाम न लगाएं।
वाराणसी में ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग प्लान (Varanasi Traffic Advisory)
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अगर वाराणसी में भीड़ और जाम की स्थिति गंभीर हुई तो बाहरी जिलों से आने वाले वाहनों को शहर के भीतर, खासकर घाटों की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे वाहनों को शहर के बाहरी हिस्सों में बनाए गए तय पार्किंग स्थलों पर रोका जाएगा।
31 दिसंबर को लेकर प्रशासन ने पहले से कई स्थान चिन्हित किए हैं, जहां वाहनों को डायवर्ट किया जा सकता है। इनमें सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पास, रविंद्रपुरी के पद्मश्री चौराहा, चौकाघाट और लहरतारा के पार्किंग क्षेत्र शामिल हैं। इसका मकसद शहर के भीतरी हिस्सों और घाटों के आसपास दबाव कम करना है।
यातायात से जुड़ी किसी भी सहायता के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का नंबर 7839856994 और हेल्पलाइन नंबर 7317202020 पूरे समय सक्रिय रहेगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है, ताकि नए साल के दौरान व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

गोदौलिया और आसपास के इलाके नो-व्हीकल जोन
गोदौलिया, जो काशी का प्रमुख धार्मिक और व्यावसायिक केंद्र है, वहां जाने वाले कई मार्गों को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। माईदागिन से गोदौलिया होते हुए जंगमबाड़ी तक का रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा। इसके अलावा बेनिया स्थित टाउनहॉल और माईदागिन में अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था की गई है। अगर भीड़ और बढ़ती है तो गुरुबाग से लक्सा जाने वाले मार्ग पर भी आवाजाही रोकी जा सकती है।
लहुराबीर, माईदागिन, विशेश्वरगंज, गोलगड्डा, ब्रॉडवे तिराहा, अग्रवाल तिराहा, सोनारपुरा और गोदौलिया जैसे प्रवेश बिंदुओं पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग तैयार किए हैं और लोगों से अपील की है कि ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और केवल अधिकृत पार्किंग का ही उपयोग करें।
वृंदावन बांके बिहारी जाने वालों के लिए सख्त अपील
अगर आप नए साल पर वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर जाने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल अपना प्लान रोक लेना बेहतर है। प्रशासन ने 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक मंदिर न आने की अपील की है। रोजाना 4 से 5 लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और 31 दिसंबर व 1 जनवरी को भीड़ और बढ़ सकती है।
मंदिर परिसर छोटा होने के कारण धक्का-मुक्की और दबाव की स्थिति बन जाती है। अधिक भीड़ में कुछ सेकेंड से ज्यादा रुककर दर्शन कर पाना संभव नहीं होता। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों के लिए ऐसी भीड़ में आना सुरक्षित नहीं माना जाता। मोबाइल, पर्स और अन्य सामान खोने का भी खतरा रहता है।
अयोध्या में भी श्रद्धालुओं की भीड़
सबसे ज्यादा भीड़ अयोध्या में दर्ज की गई है, जहां 24 और 25 दिसंबर को ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जबकि 26 दिसंबर को करीब एक लाख और लोग पहुंचे। प्रशासन को उम्मीद है कि यह सिलसिला 1 जनवरी तक जारी रहेगा।
काशी, अयोध्या और वृंदावन घूमने के लिए बेहतरीन जगहें हैं, लेकिन नए साल की भीड़, ठंड और ट्रैफिक को देखते हुए थोड़ा इंतजार करना ही समझदारी होगी। अगर जाना जरूरी हो, तो पूरी तैयारी और सावधानी के साथ ही यात्रा करें, वरना नया साल जश्न की जगह परेशानी में बदल सकता है।












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