Uttar Pradesh Results: कौन हैं पल्लवी पटेल जिन्होंने Sirathu में डिप्टी सीएम को परास्त किया
सिराथू, 10 मार्च । उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने लगातार दूसरी बार प्रचंड जीत हासिल की है। लेकिन भाजपा को कोशांबी की सिराथू सीट पर बड़ा झटका लगा है। यहां सिराथू में सपा पार्टी का समर्थन प्राप्त पल्लवी पटेल ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को 7337 वोटों से मात दी है। आइए जानते हैं कौन हैं पल्लवी पटेल जिनके आगे केशव प्रसाद मौर्या शिकस्त हुई है।

सपा ने पल्लवी पटेल को किया था समर्थन
बता दें पल्लवी पटेल अपना दल (कामेरावादी) की नेता है जो सपा संयुक्त उम्मीदवार के रूप में कौशाम्बी के सिराथू विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। सपा ने इस सीट से अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था।

पल्लवी के लिए डिंपल यादव और जया बच्चन ने यिका था प्रचार
यूपी विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में 27 फरवरी को कौशांबी, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में मतदान हुआ था। इससे एक दिन पहले पल्लवी के लिए प्रचार करने सिराथू अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव और जया बच्चन पहुंची थी और सीएम योगी के खिलाफ जमकर बयानबाजी की थी।

जानें पल्लवी पटेल को किन वोटरों का मिला है जबरदस्त सपोर्ट
पल्लवी पटेल को पटेल (कुर्मी) मतदाताओं को काफी सपोर्ट है । मौर्य पर परोक्ष रूप से प्रहार करते हुए पल्लवी ने कहा कि जब घर का बेटा देने में विफल रहता है, तो जिम्मेदारी बहू को सौंप दी जाती है और यह समय है कि लोग उसे अपना प्रतिनिधित्व करने दें।
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कौशांबी पल्लवी की ससुराल है
पल्लवी की शादी पंकज निरंजन सिंह से हुई है, जो कौशाम्बी के मंझनपुर इलाके के रहने वाले हैं, जबकि केशव मौर्या अपने परिवार के साथ वर्तमान में प्रयागराज में रहते है और मूल रूप से सिराथू कौशांबी के रहने वाले है।

अनुप्रिया पटेल की बहन है पल्लवी पटेल
पल्लवी केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बड़ी बहन हैं, जिनका अपना दल (सोनेलाल) भाजपा के साथ गठबंधन में है। पल्लवी ने बायो-टेक्नोलॉजी में स्नातक करने के बाद सब्जी और फलों के फंगस में डॉक्टरेट किया है। उन्होंने 2008 में राजनीति में एंट्री ली और शुरुआत में अपने पिता सोनेलाल पटेल के सहयोगी के रूप में काम करना शुरू किया। अपने पिता की मृत्यु के बाद, पल्लवी की मां कृष्णा पटेल अध्यक्ष बनीं और अनुप्रिया पार्टी की महासचिव बनीं।

2014 में अपना दल के हो गए थे दो टुकड़े
हालांकि 2014 में कृष्णा पटेल ने पल्लवी को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया, जिसके कारण अनुप्रिया पटेल ने विरोध किया। अनुप्रिया ने दावा किया कि पार्टी के संविधान में उपाध्यक्ष का कोई पद नहीं था। विवाद चुनाव आयोग तक पहुंच गया और 2016 में अपना दल पार्टी दो गुटों में विभाजित हो गई। जिसमें अपना दल (सोनेलाल) अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व में हो गई और अपना दल (कामेरावाड़ी) कृष्णा पटेल की अध्यक्षता में रही।












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