UP Monsoon Rain: गरजते बादलों से यूपी में मानसून की एंट्री! Noida में कड़कती बिजली-आंधी, 5 दिन कहां बारिश?
Uttar Pradesh Monsoon Rain, 29 June 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश ने राजधानी समेत कई इलाकों में गर्मी पर ब्रेक लगा दिया। Noida, Greater Noida और आसपास के इलाकों में सोमवार को कड़कती बिजली और आंधी-तूफान ने लोगों को घरों में रख दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 जून से 3 जुलाई 2026 तक के लिए अलर्ट जारी किया है।
अगले 5 दिन गरज-चमक, भारी बारिश और 50 किमी/घंटा तक तेज हवाओं का सिलसिला चलेगा। आइए जानते हैं कि कहां-कहां आंधी-तूफान?

IMD Rain Alert: अगले 5 दिन का हाल
IMD के क्षेत्रीय केंद्र लखनऊ ने विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। मानसून के सक्रिय होने से पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
29 जून (आज): 29 June Rain Alert
- पश्चिमी यूपी: कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक।
- पूर्वी यूपी: कुछ स्थानों पर बौछारें।
30 जून: Kal Ka Mausam
- पश्चिमी यूपी: कुछ स्थानों पर वर्षा।
- पूर्वी यूपी: अनेक स्थानों पर बारिश।
1 जुलाई: 1 July Weather Alert
- पश्चिमी यूपी: अनेक स्थानों पर गरज-चमक।
- पूर्वी यूपी: व्यापक बारिश की संभावना।
2 जुलाई: 2 July Weather Alert
- दोनों हिस्सों में अनेक स्थानों पर बारिश जारी।
3 जुलाई: 3 July Weather Alert
- पूरे प्रदेश में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा।
भारी बारिश, वज्रपात और 50 किमी/घंटा हवाओं का अलर्ट
IMD ने कई जिलों के लिए Orange Alert जारी किया है। 29 जून से 1 जुलाई तक पूर्वी, मध्य और तराई क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
- भारी बारिश वाले प्रमुख जिले: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, फतेहपुर, प्रतापगढ़ आदि।
- तेज हवाएं: 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। वज्रपात की भी आशंका बनी रहेगी।
1 जुलाई को खास अलर्ट: कई जिलों में भारी बारिश के साथ 50 किमी/घंटा तक हवाएं।

तापमान में जबरदस्त गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत
मानसून के सक्रिय होने से अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी अब कम होगी। रातें भी अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी।
किसानों के लिए IMD की एडवाइजरी: फसलों को खतरा
तेज हवा और भारी बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान हो सकता है। IMD ने किसानों के लिए विशेष सलाह जारी की है:-

- गन्ना: फसल गिरने, टूटने और जलभराव का खतरा। सलाह: मिट्टी चढ़ाएं, बांधें और जल निकासी बनाएं।
- मक्का: तने मुड़ने, भुट्टे गिरने का डर। सलाह: सहारा दें और समय पर कटाई करें।
- धान: पौधे उखड़ने या पीले पड़ने की आशंका। सलाह: मेड़ मजबूत करें, अतिरिक्त पानी निकालें।
- सब्जियां (भिंडी, टमाटर, लौकी आदि): बेल टूटने, फल गिरने का खतरा। सलाह: मचान दें और ऊंची क्यारियां बनाएं।
- फलदार पेड़ (आम, केला, पपीता): फल गिरने और शाखाएं टूटने का खतरा। सलाह: सहारा दें और क्षतिग्रस्त हिस्से हटाएं।
- अन्य फसलें: उड़द, मूंग, मूंगफली, सूरजमुखी पर भी असर। पकी फलियों की तुड़ाई समय पर करें।
IMD ने किसानों से अपील की है कि खराब मौसम में खेतों में अनावश्यक न जाएं। तेज हवा के समय रासायनिक छिड़काव न करें।
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- गरज-चमक के दौरान खुले में न निकलें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करें।
- जलभराव वाले इलाकों और नदियों के किनारे से बचें।
- वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
- कच्चे मकानों और झोपड़ियों में सतर्क रहें।
IMD की रंग आधारित चेतावनी: पीला (सतर्क रहें), नारंगी (तैयार रहें)।
Noida-Greater Noida में आज का हाल
सोमवार को Noida और आसपास के इलाकों में सुबह से ही घने बादल छाए रहे। दोपहर में तेज गरज-चमक के साथ आंधी चली। कई जगहों पर बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। यातायात प्रभावित हुआ और ऑफिस जाने वाले लोग परेशान रहे।
मानसून का असर: फायदे और नुकसान
- फायदे: गर्मी से राहत, जल संकट कम होना, खरीफ बुवाई को बढ़ावा।
- नुकसान: फसल क्षति, जलभराव, यातायात बाधा, वज्रपात से जान-माल का खतरा।
क्या कहते हैं मौसम विशेषज्ञ?
IMD अधिकारियों का कहना है कि मानसून की प्रगति अच्छी है। अगले कुछ दिन बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद मौसम स्थिर होने की उम्मीद है।
यूपी में मानसून ने आखिरकार रंग दिखाना शुरू कर दिया है। Noida से लेकर पूर्वी यूपी तक गरज-चमक और बारिश का दौर चलेगा। IMD के अलर्ट को गंभीरता से लें। किसान फसलों की सुरक्षा करें और आम लोग सावधानी बरतें। तापमान गिरने से गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन भारी बारिश से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए तैयार रहना होगा।













Click it and Unblock the Notifications