Bihar News: 'ये अंगूठाछाप मुख्यमंत्री हैं', सम्राट चौधरी पर क्यों भड़के तेजस्वी यादव? लगाया कई गंभीर आरोप
Tejashwi Yadav Target Samrat Choudhary: बिहार में एक बार फिर जमीन आवंटन को लेकर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार बड़े संस्थानों को एक रुपये में कई एकड़ जमीन दे रही है, लेकिन छात्रों, किसानों और युवाओं की मदद के लिए पैसे नहीं हैं। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें "अंगूठाछाप मुख्यमंत्री" तक कह दिया।
दरअसल, विवाद ईशा फाउंडेशन को पटना और मुंगेर में बेहद कम कीमत पर लंबे समय के लिए जमीन लीज पर दिए जाने को लेकर है। इसी मुद्दे पर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

क्या है Isha Foundation Bihar land lease मामला?
पटना के बांस घाट में नगर निगम ने करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक श्मशान घाट बनाया है। अब इसके संचालन की जिम्मेदारी ईशा फाउंडेशन को दी गई है। इसके अलावा दीघा में बिहार का पहला एलपीजी गैस आधारित शवदाह गृह भी बनाया जाएगा। इस परियोजना के लिए 2.11 एकड़ जमीन ईशा फाउंडेशन को सिर्फ 1 रुपये में 33 साल की लीज पर दी गई है। इसी फैसले को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है।
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मुंगेर में भी 1 रुपये में मिलेगी 15 एकड़ जमीन
विवाद सिर्फ पटना तक सीमित नहीं है। सरकार ने मुंगेर के तारापुर में भी ईशा फाउंडेशन को 15.01 एकड़ जमीन सिर्फ 1 रुपये में 99 साल की लीज पर देने का फैसला किया है। यहां सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्र के साथ आधुनिक श्मशान घाट विकसित करने की योजना है। तारापुर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का विधानसभा क्षेत्र भी है। इसी वजह से विपक्ष इस फैसले पर और ज्यादा सवाल उठा रहा है।
तेजस्वी ने सरकार पर लगाए बड़े आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार जैसे गरीब राज्य में सरकार बड़े संस्थानों को एक रुपये में जमीन दे रही है, लेकिन छात्रों, किसानों और युवाओं के लिए पैसे नहीं हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं, बल्कि बड़े संस्थान बन गए हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के पैसों से बनी संपत्ति को बेहद कम कीमत पर सौंप रही है। हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर जवाब आना बाकी है।
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अब सियासत और तेज होने के आसार
ईशा फाउंडेशन को जमीन लीज पर देने का मामला अब बिहार की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, जबकि सरकार का कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट से आधुनिक सुविधाएं और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर चुनावी मंच तक गूंज सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार विपक्ष के आरोपों का क्या जवाब देती है और आगे क्या कदम उठाती है।












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