मायावती के दलित पार्कों में लगेंगी ओबीसी और अगड़ी जातियों के महापुरुषों की मूर्तियां
लखनऊ में बसपा सरकार में बनाए गए अम्बेडकर पार्क में अब सुहेलदेव की भी मूर्तियां लगेंगी। योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को अम्बेडकर पार्क के निरीक्षण किया।
नई दिल्ली। यूपी की पूर्व सीएम मायावती द्वारा बनाए गए दलित पार्क में अब केवल दलित महापुरुषों की मूर्तियां नहीं दिखेंगी अब इन पार्कों में ओबीसी और जनरल वर्ग से आने वाले महापुरुषों की मूर्तियां भी लगाई जाएंगी। बीजेपी की योगी सरकार ने भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल के अंदर और बाहर दोनों जगहों पर राजा सुहेलदेव की मूर्तियां लगवाने का फैसला किया है।

अम्बेडकर पार्क में लगेगी राजा सुहेल देव की मूर्ति
लखनऊ में बसपा सरकार में बनाए गए अम्बेडकर पार्क में अब सुहेलदेव की भी मूर्तियां लगेंगी। योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को अम्बेडकर पार्क के निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहां सुहेलदेव की भी मूर्ति लगाई जाए। उन्होंने कहा कि महापुरूषों को ध्यान में रखकर ये फैसला लिया गया है। यूपी के सभी पार्कों और स्मारकों में सुहेल देव की मूर्तियां लगाई जाएंगी। श्रावस्ती के राजा सुहेलदेव राजभर समुदाय से थे। राजभर समुदाय अब अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल है।

कांस्य प्रतिमा लगाने का है प्लान
योगी आदित्यनाथ सरकार राजा सुहेलदेव की 16-18 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा अंबेडकर स्मारक स्थल के अंदर लगवाने का फैसला किया है। स्मारक के बाहर राजा सुहेलदेव की संगमरमर की प्रतिमा लगवाई जाएगी। अंबेडकर स्मारक के बाहर 13 प्लेटफॉर्म खाली पड़े हैं। राजा सुहेलदेव की मुर्ति इन्ही में से किसी एक प्लेटफॉर्म पर लगाई जाएंगी। सुहेल देव की स्मारक स्थल के अंदर कांस्य प्रतिमा लगवाने का प्लान है।

दलित पार्कों में लगेगी ओबीसी और जनरल महापुरुषों की मूर्तियां
यूपी के पिछला वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि इन स्मारक स्थलों पर अब अहिल्याबाई होल्कर, सावित्रीबाई फुले, दक्ष प्रजापति, गुहराज निषाद महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान की मूर्तियां भी लगाई जाएंगी। आपको बता दें कि पिछले महीने ही योगी आदित्यनाथ सरकार ने मायावती सरकार द्वारा बनवाए गए दलित स्मारक स्थलों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

विश्व हिंदू परिषद ने की थी मांग
आपको बता दें कि इससे पहले वीएचपी ने मांग की थी कि राजा सुहेलदेव के पराक्रम को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए और इनकी मूर्ति को श्रावस्ती और बहराइच में बनवाना चाहिए, यही नहीं बहराइच में सुहेलदेव का स्मारक बनवाना चाहिए। वीएचपी ने मांग की थी कि लखनऊ के सैनिक स्कूल का नाम बदलकर राजा सुहेलदेव के नाम पर किया जाना चाहिए, सलार मसूद की दरगाह के पास मंदिर को बनाना चाहिए जहां मंदिर को तोड़ दिया गया था। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा था कि मेमोरियल बनेगा और मूर्तियां भी लगवाई जाएंगी।












Click it and Unblock the Notifications