UP Teacher Promotion: वरिष्ठ शिक्षकों की तैयार हो रही सूची, नए शैक्षिक सत्र में प्रमोशन देगी योगी सरकार
UP Teacher Promotion: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों के लिए एक अच्छी खबर आ रही है। योगी सरकार द्वारा अगले साल वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति दी जाएगी। यूपी में पिछले 9 सालों से पदोन्नति न होने के कारण शिक्षक कई बार कोर्ट का चक्कर लगा चुके हैं।
अब इस मामले में कोर्ट की फटकार के बाद योगी सरकार ने वरिष्ठ शिक्षकों को पदोन्नति देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि अगले साल जनवरी में शिक्षकों की पदोन्नति सूची तैयार कर ली जाएगी। उसके बाद नए शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों की पदोन्नति सूची जारी कर दी जाएगी।

वरिष्ठ अध्यापकों की सूची के लिए योगी सरकार ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर वरिष्ठ अध्यापकों की सूची तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। सूची मिलने के बाद वरिष्ठता सूची तैयार कर मार्च से पहले आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
तीन जनपदों में निरस्त हुई थी पदोन्नतियां
यह भी बता दें कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद में प्राइमरी के करीब 4.59 लाख शिक्षक हैं। बीते 9 वर्षों से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हुई है। पदोन्नति नहीं होने से करीब 70 फ़ीसदी प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूल में प्रधानाध्यापक नहीं हैं और स्कूल प्रभारी के सहारे ही संचालित किए जा रहे हैं।
यहां यह भी बता दें कि पहले जिले स्तर पर ही अध्यापकों की पदोन्नति होती थी। लेकिन कई जनपदों में विवाद के कारण अंतिम बार 2015 में पदोन्नति हुई उसके बाद अध्यापकों की पदोन्नति नहीं हो सकी। 9 साल पहले जो भी पदोन्नति हुई उसमें अधिकतर वरिष्ठता संबंधी विवाद देखने को मिले।
वरिष्ठता संबंधी विवादों के कारण हाईकोर्ट के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के यूपी के सोनभद्र, सहारनपुर और बुलंदशहर आदि तीन जनपदों में हुई पदोन्नतियों को निरस्त कर दिया गया। इन अध्यापकों की पदोन्नति के दौरान कुछ लोगों की वरिष्ठता का निर्धारण उनके कार्य ग्रहण की तिथि से किया गया था।
ऐसे में अध्यापकों का कहना था कि वरिष्ठता सूची नियुक्ति तिथि से बनाई जानी चाहिए। इसी मामले को लेकर कुछ अध्यापकों कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया। उसके बाद कोर्ट द्वारा सरकार को फटकार लगाई गई थी। वरिष्ठता सूची पर भी सवाल उठाए गए थे।












Click it and Unblock the Notifications