UP Politics: 'जो अखिलेश से टकराएगा...' कहने वाले छात्र से पुलिस ने मांगे पैसे, आज नेता से लगाया गुहार
UP Politics: सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव की तारीफ करना एक इंटर के छात्र को भारी पड़ गया। शाहजहांपुर के एक युवक ने आरोप लगाया है कि तारीफ भरे वीडियो की वजह से पुलिस ने उसे थाने बुलाया हवालात में बैठाया और 20 हजार रुपये भी वसूल लिए।
सोमवार को लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह मामला सामने आया। शाहजहांपुर के मऊ गांव निवासी छात्र तालिब ने सबके सामने पुलिस की कथित कार्रवाई का जिक्र किया जिस पर मौजूद लोग हैरान रह गए।

तालिब ने बताया कि वह अपने पिता के साथ जरदोजी का काम करता है और पढ़ाई भी कर रहा है। कुछ दिन पहले उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला था जिसमें कहा था 'जो अखिलेश यादव से टकराएगा, वह रेला जाएगा।' इसके बाद पुलिस उसे परेशान करने लगी।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
उसने बताया कि वीडियो पोस्ट के वायरल होते ही अल्हागंज थाने से छात्र को फोन आया और थाने बुलाया गया। तालिब के मुताबिक उसे शांतिभंग की धारा में करीब 40 मिनट हवालात में रखा गया और कार्रवाई न करने के बदले 20 हजार रुपये मांगे गए।
उसने बताया कि उसने एक घंटे के भीतर वह पोस्ट डिलीट कर दी और माफी भी मांग ली। लेकिन इन सब के बावजूद उससे कथित रूप से पैसे लिए गए। इसके बाद वह परेशान हो गया और उसने सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां से संपर्क कर मदद मांगी थी।
पुलिस ने खारिज किए आरोप
थानेदार ओमप्रकाश ने छात्र के सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि पुलिस ने किसी भी प्रकार की वसूली नहीं की है। पुलिस का कहना है कि एक महिला की शिकायत पर शांतिभंग में चालान किया गया था न कि वीडियो पोस्ट को लेकर।
वहीं मामले में एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि वायरल वीडियो के पूरे मामले की जांच सीओ जलालाबाद को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल, ऐसे आरोप की पुष्टी नहीं हुई है।
नेता बोले- पोस्ट डिलीट करवा दी थी, पैसे की जानकारी नहीं
इस बारे में सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने माना कि छात्र ने उनसे मदद मांगी थी जिसके बाद उन्होंने थाना प्रभारी से बातचीत कर मामले को सुलझा दिया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बीस हजार रुपये देने की बात उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस से ही पता चली।
तालिब का कहना है कि वह सिर्फ अपनी बात अखिलेश यादव तक पहुंचाना चाहता था और उसे लगा कि उसे न्याय मिलेगा। हालांकि पुलिस ने जिस तरह की कार्रवाई की उससे वह डरा हुआ और असहाय महसूस कर रहा है।












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