Loksabha Election 2024: UP में कैसे चलेगा INDIA, कांग्रेस की डिमांड से पार पायेंगे Akhilesh Yadav?

देश में नए गठबंधन INDIA का उदय तो हो चुका है लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो असल चुनौती सीट बंटवारे को लेकर है।

Akhilesh Yadav-INDIA: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले देश में INDIA नाम से एक नए गठबंधन का उदय हुआ है। इस गठबंधन में मेन प्लेयर कांग्रेस के अलावा यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी भी है। कांग्रेस की सूत्रों की माने तो यूपी में लगभग दो दर्जन लोकसभा सीटों पर अपनी तैयारी में जुटी है और इसी के आसपास वह अपनी सीटों की डिमांड करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो कांग्रेस ने अगर ऐसी डिमांड की तो अखिलेश यादव की मुश्किलों में और इजाफा होगा।

कांग्रेस

यूपी में बना गठबंधन तो 20 सीटों पर होगा दावा

र्नाटक, हिमाचल विधानसभा चुनाव में मिली जीत और यूपी निकाय चुनाव में किए गए बेहतर प्रदर्शन के बाद अब नेताओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ है। पार्टी को लगता है कि वह अपना पिछला प्रदर्शन दोहरा सकती है। पिछले चुनावी आंकड़ों को देखा जाए तो 2009 में कांग्रेस ने 21, 2004 के लोकसभा चुनाव में 9 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी। इसके पहले 1999 में 10 और 1998 में शून्य सीट शामिल है।

डेढ़ साल पहले हुए विधानसभा में मिली थी केवल दो सीटें

यूपी में हालांकि कांग्रेस की इस डिमांड को सपा पूरी करेगी या नहीं यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि डेढ़ साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में यूपी में कांग्रेस को केवल दो सीटों पर संतोष करना पड़ा था जबकि हाल ही में नगर निगम चुनाव में कांग्रेस 16 सीटों में से एक भी जीतने में कामयाब नहीं हुई थी। निकाय चुनाव में कांग्रेस का कमजोर प्रदर्शन भी उसके खिलाफ जा सकता है।

20 सीटें नहीं मिली तो अकेले चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

कांग्रेस के चुनावी तैयारियों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने एक बैठक दौरान कहा था कि, हम हर चुनाव को मजबूती के साथ लड़ते हैं और इस बार कांग्रेस की यही कोशिश है कि यूपी में कांग्रेस 2009 में किए गए प्रदर्शन से भी ज्यादा सीटें जीत सके। कांग्रेस के एक बड़े नेता ने बताया कि कांग्रेस की यूपी ईकाई अपनी तैयारियों में जुटी है और यदि गठबंधन में कम से कम 20 सीटें नहीं मिली तो वह अकेले दम पर सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

12 लोकसभा सीटों पर आरएलडी का दावा

पश्चिमी यूपी आरएलडी का गढ़ है और जिन 12 सीटों पर वह चुनाव लड़ना चाहती है उनमें कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, फतेहपुर सीकरी, मथुरा और बागपत शामिल हैं। यूपी की 80 सीटों में यदि कांग्रेस 20 और रालोद 12 सीटों की डिमांड करती है तो सपा के लिए सिर्फ 48 सीटें ही बचेंगी। इसका अलावा गठबंधन के अन्य सहयोगी भी इक्का-दुक्का सीटों के लिए दबाव बना सकते हैं।

निकाय चुनाव में सीटों को लेकर पैदा हुए मतभेद

दरअसल सपा और आरएलडी के बीच संबंध हाल ही में तनावपूर्ण हो गए हैं। खासकर शहरी स्थानीय निकाय चुनावों पर असहमति के बाद से ही। रालोद प्रमुख जयंत चौधरी 23 जून को पटना में आयोजित विपक्षी एकता बैठक में शामिल नहीं हुए और उन्होंने अंतिम समय में इसकी घोषणा की थी।

RLD के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने वनइंडिया हिन्दी को बताया कि,

हम लोकसभा चुनाव में 12 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है ताकि हम क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा वापस पा सकें। आरएलडी ने 2022 के चुनाव जीतने के लिए कई सीटों का बलिदान किया था ताकि "यूपी में बदलाव लाया जा सके" और गठबंधन जारी रखा जा सके। लेकिन अब पार्टी 12 सीटों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ेगी।

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