एक हजार से ज्यादा हिंदुओं को मुस्लिम बनाने वाले दो मौलानाओं को ATS ने किया गिरफ्तार, पाकिस्तान से होती थी फंड
नोएडा, 21 जून। दिल्ली से सटे यूपी के नोएडा में धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी में दो मौलानाओं को एटीएस ने गिरफ्तार किया है। इन मौलानाओं के नाम मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी है। खास बात ये है कि उमर गौतम ने खुद लगभग 35 साल पहले 20 साल की उम्र में धर्मांतरण कर हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम धर्म अपनाया था। इसके बाद से वो दिल्ली के जामिया नगर इलाके में इस्लामिक दावा सेंटर चला रहा था। यूपी के एडीजी प्रशांत कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि गौतम धर्म बदलकर मुस्लिम बना था। गिरफ्तारी के बाद ये भी बात सामने आई है कि धर्म परिवर्तन का ये काम संगठित तौर पर देश विरोधी, असामाजिक तत्वों, धार्मिक संगठन अथवा सिंडिकेट, आईएसआई व विदेशी संस्थाओं के निर्देश व उनसे प्राप्त फंडिग के जरिए किया जा रहा है।
Recommended Video

प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी दोनों दिल्ली के जामिया नगर के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पर यूपी और अन्य राज्यों में भी धर्मांतरण कराने का आरोप है। लोग गरीब हिंदुओं को निशाना बनाते थे और अब तक एक हजार से ज्यादा हिंदुओं का धर्मांतरण कर चुके हैं। ये दोनों मौलाना ज्यादा मूक बधिर और महिलाओं का धर्म परिवर्तन करवाते थे। प्रशांत कुमार ने बताया कि इन दोनों ने बाकायदा ऑफिस खोल रखा था। उसके ऑफिस का नाम Islamic Dawah Center है और पता- C 2, जोगाबाई एक्सटेंशन, जामिया नगर, नई दिल्ली है। ये लोग धर्मांतरण से सम्बंधित प्रमाण पत्र और विवाह के प्रमाण पत्र भी गैर कानूनी रूप से तैयार करवाते थे।
पुलिस को जांच में पता चला है कि इन लोगों के द्वारा नोएडा डेफ सोसायटी, नोएडा सेंटर, सेक्टर 117, में जो मूक-बधिरों का रेजिडेंशियल स्कूल है वहां व कुछ अन्य स्कूलों के गरीब छात्रों को नौकरी, शादी और पैसे जैसी चीजों का लालच देकर धर्मांतरण कराया जाता है। हालांकि इसके बारे में ऐसे बच्चों के माता-पिता को कुछ नहीं पता है।












Click it and Unblock the Notifications