UP Pension Yojana: निराश्रित महिला पेंशन योजना का सघन सत्यापन शुरू, अब अपात्रों और मृतकों का क्या होगा?
UP Pension Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ने निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों के सघन सत्यापन का फैसला लिया है। इसका मकसद है कि योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं महिलाओं को मिले जो वास्तव में पात्र हैं। सत्यापन के दौरान यदि किसी लाभार्थी की मृत्यु हो चुकी हो या वह अपात्र पाई गई हो तो उसकी पेंशन तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।
महिला कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि सत्यापन कार्य को हर हाल में 25 मई तक पूरा करना होगा। इसके लिए तीन चरणों में प्रक्रिया तय की गई है, जिसकी निगरानी सीधे जिलाधिकारी करेंगे।

योजना के तहत पात्र महिलाओं को मोबाइल संदेशों के माध्यम से समय-समय पर भुगतान की जानकारी भी दी जाएगी। इसके साथ ही आधार प्रमाणीकरण को भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकी जा सके।
तीन चरणों में होगा सत्यापन
सत्यापन प्रक्रिया को तीन भागों में बांटा गया है। पहले चरण में 10 मई तक सभी लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य किया गया है। इस कार्य में कोई लापरवाही ना हो, इसके लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे चरण में 15 मई तक लाभार्थियों की सत्यापित सूची बनाकर जिला प्रोबेशन अधिकारी को सौंपनी होगी। यह सूची हस्ताक्षरित होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरन्त कार्यवाही हो सके।
25 मई तक अपात्रों की पेंशन होगी बंद
तीसरे चरण में 25 मई तक मृतक और अपात्र लाभार्थियों की पेंशन बंद कर दी जाएगी। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
अगर सत्यापन के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। सरकार ने इस बार सत्यापन को पूरी गंभीरता से कराने का निर्णय लिया है।
कौन महिलाएं हैं योजना के तहत पात्र
इस योजना के तहत वही महिलाएं पात्र हैं जिनकी आयु 18 वर्ष से अधिक है और जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है। इसके साथ ही महिला को उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होना चाहिए तथा उसके परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
सरकार ने वर्ष 2016-17 में इस योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह की पेंशन देना शुरू किया था। बाद में 2021-22 से पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जिससे लाभार्थी महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता मिल सके।
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 34 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है। इस वित्त वर्ष से आधार आधारित भुगतान प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और समय पर पेंशन मिल रही है।












Click it and Unblock the Notifications