Iran War से भारत पर कितना खतरा? सरकार ने संसद में बताया कितने दिन का बचा है तेल स्टॉक, कब तक होगा सबकुछ ठीक

Iran war News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात के बीच भारत सरकार ने बड़ा भरोसा दिलाया है। केंद्र ने साफ कहा है कि फिलहाल देश में न तो ऊर्जा संकट है और न ही खाद की सप्लाई को लेकर कोई तत्काल खतरा।

सरकार का दावा है कि अगर हालात ज्यादा नहीं बिगड़ते और तनाव कम हो जाता है, तो सिर्फ 4 से 5 दिनों में सप्लाई सिस्टम सामान्य स्थिति में लौट सकता है। यह जानकारी संसद की एक अहम समिति की बैठक में दी गई, जहां मिडिल ईस्ट संकट के भारत पर असर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

Iran war News

संसदीय समिति में क्या हुई चर्चा?

सोमवार (25 मई) को परिवहन, पर्यटन और संस्कृति से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति की करीब दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में मिनिस्टर ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वाटरवेज के वरिष्ठ अधिकारियों ने मिडिल ईस्ट संकट से पैदा हो रहे हालात पर प्रस्तुति दी।

इसके अलावा विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों ने समिति को बताया कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारी पूरी है। सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने सांसदों से कहा कि देश में फिलहाल ऊर्जा और उर्वरक यानी फर्टिलाइजर की कोई कमी नहीं है।

लगातार बढ़ रहे Petrol के दाम! फिर सरकार क्यों नहीं घटा रही TAX? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समझाया मामला
लगातार बढ़ रहे Petrol के दाम! फिर सरकार क्यों नहीं घटा रही TAX? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समझाया मामला

भारत के पास कितना तेल भंडार है? (India's Energy Reserve Explained)

इंडिया टु़डे की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में सबसे बड़ा भरोसा सरकार की तरफ से तेल भंडार को लेकर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि भारत के पास इस समय 78 दिनों से ज्यादा की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने लायक रिजर्व मौजूद है। यानी अगर कुछ समय के लिए सप्लाई प्रभावित भी होती है, तब भी देश के पास पर्याप्त बफर स्टॉक है।

यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। भारत अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा आयात करता है और उसमें भी बड़ी मात्रा इसी समुद्री रास्ते से आती है।

Petrol Price: कहीं ₹112 तो कहीं ₹99! एक ही देश में पेट्रोल के दाम इतने अलग क्यों? किस शहर में सबसे महंगा तेल
Petrol Price: कहीं ₹112 तो कहीं ₹99! एक ही देश में पेट्रोल के दाम इतने अलग क्यों? किस शहर में सबसे महंगा तेल

खाद सप्लाई पर क्यों बढ़ी चिंता?

बैठक में सांसदों ने फर्टिलाइजर सप्लाई को लेकर भी चिंता जताई। दरअसल भारत की 30 प्रतिशत से ज्यादा खाद से जुड़ी सप्लाई होर्मुज रूट पर निर्भर मानी जाती है। लेकिन अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार पहले ही वैकल्पिक सप्लाई चैनल तैयार कर चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने कहा कि भारत अब सिर्फ एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं है और अमेरिका समेत कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि जरूरत पड़ने पर सप्लाई तुरंत शिफ्ट की जा सके।

अगर युद्ध बढ़ा तो क्या होगा?

सरकार ने माना कि मिडिल ईस्ट की स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है। अगर तनाव और बढ़ता है, तो वैश्विक तेल कीमतों, शिपिंग इंश्योरेंस और इंटरनेशनल ट्रेड पर असर पड़ सकता है।

हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि अलग-अलग मंत्रालयों ने मिलकर कंटिजेंसी प्लान तैयार कर लिया है।

इसमें तीन बड़े फोकस हैं:

  • रणनीतिक तेल भंडार बनाए रखना
  • आयात के नए स्रोत तैयार करना
  • शिपिंग, ऊर्जा और विदेश नीति मंत्रालयों के बीच लगातार समन्वय रखना।

4-5 दिन में कैसे लौट सकती है Normalcy?

बैठक में लॉजिस्टिक्स और शिपिंग सेक्टर से जुड़े अधिकारियों ने समिति को बताया कि अगर युद्ध जैसे हालात कम होते हैं और समुद्री रास्तों पर बड़ा सैन्य संकट नहीं आता, तो सप्लाई चेन 4 से 5 दिनों में फिर सामान्य हो सकती है।

इसका मतलब है कि बंदरगाह, कार्गो मूवमेंट और तेल सप्लाई सिस्टम को दोबारा स्थिर होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। सरकार फिलहाल भारतीय बंदरगाहों और शिपिंग नेटवर्क को भी अलर्ट मोड पर रखे हुए है ताकि जरूरत पड़ने पर रूट बदलकर भी सप्लाई जारी रखी जा सके।

भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा क्या है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती "ऊर्जा निर्भरता" है। देश अभी भी अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में मिडिल ईस्ट में किसी भी बड़े युद्ध का असर सीधे तेल कीमतों, ट्रांसपोर्ट लागत और महंगाई पर पड़ सकता है।

हालांकि सरकार का दावा है कि इस बार पहले से तैयारी मजबूत है और किसी भी आपात स्थिति में देश को अचानक संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि ईरान और पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है या नहीं, क्योंकि उसी पर तय होगा कि आने वाले दिनों में दुनिया और भारत की अर्थव्यवस्था कितनी राहत महसूस करेगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+