UP Nikay Chunav 2023: 2024 से पहले सपा को लगा बड़ा झटका, मुस्लिम वोट बैंक में बिखराव ने बढ़ाई टेंशन
UP Nikay Chunav 2023 में सपा के चीफ अखिलेश यादव को तगड़ा झटका लगा है। 2024 से पहले हुए मुस्लिम वोटों में बिखराव ने सपा की मुश्किलें और बढ़ा दी हैँ।

17 municipal corporations in UP: देश में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव परिणाम समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के लिए एक बड़ झटके की तरह है। सपा से भरोसेमंद मुस्लिम वोट बैंक के बिखराव ने सपा के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की मुश्किलें बढ़ा दी है। जिस वोट बैँक के दम पर अखिलेश ने विधानसभा चुनाव में सीटें जीती थीं वही वोट बैंक अब कई पार्टियों के बीच बिखर रहा है।
निकाय चुनाव के नतीजे सपा के लिए शुभ संकेत नहीं
सपा के सूत्रों ने कहा कि लगातार हार और शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में लगभग हार उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल सपा के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा शनिवार को मेयर पद की 17 में से एक भी सीट नहीं जीत सकी और सालों से चली आ रही स्वार विधानसभा सीट को भी बरकरार रखने में नाकाम रही।सपा अपना दल (सोनेलाल) से छानबे विधानसभा सीट जीतने में भी नाकाम रही।
लगातार झटका खा रही है समाजवादी पार्टी
सपा 2017 से ही लगातार झटका खा रही है। पार्टी 2017 के विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हार गई और मुश्किल से 47 सीटों के साथ रह गई। सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा था और दोनों दलों का सफाया हो गया था। 2019 के लोकसभा चुनावों में, अखिलेश ने बहुजन समाज पार्टी के साथ हाथ मिलाया, एक ऐसा निर्णय जिसे पार्टी के वरिष्ठों ने दृढ़ता से अस्वीकार कर दिया था। जबकि सपा को गठबंधन से कोई फायदा नहीं हुआ जबकि बसपा 10 लोकसभा सीटें जीतने में कामयाब हो गई।
यूपी में हुए कई उपचुनावों में भी मिली हार
हालांकि चुनाव के तुरंत बाद गठबंधन टूट गया था। बाद के महीनों में, सपा उपचुनावों में अपनी आजमगढ़ और रामपुर सीटों को भाजपा से हार गई थी। अंत में 2022 में सपा ने राष्ट्रीय लोकदल सहित छोटे दलों के साथ गठबंधन किया, लेकिन यह भी काम नहीं किया और सपा बहुमत के करीब भी नहीं पहुंच पायी। पार्टी कार्यकर्ता अब अखिलेश यादव की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं और क्या उनमें उत्तर प्रदेश में भाजपा के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने की क्षमता है। लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही सपा अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
बीजेपी पर लगाया सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप
इस बीच, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने अनुचित तरीके अपनाकर और सरकारी तंत्र का दुरूपयोग कर शहरी निकाय चुनाव जीता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए और सभी 75 जिलों में प्रशासन ने सत्ताधारी पार्टी के पोलिंग एजेंट के रूप में काम किया। कई जिलों में चुनाव जीतने वाले सपा उम्मीदवारों को हारे हुए घोषित कर दिया गया।
-
Silver Rate Today: चांदी भरभरा कर धड़ाम! ₹10,500 हुई सस्ती, 100 ग्राम के भाव ने तोड़ा रिकॉर्ड, ये है रेट -
'Monalisa को दीदी बोलता था और फिर जो किया', शादी के 13 दिन बाद चाचा का शॉकिंग खुलासा, बताया मुस्लिम पति का सच -
Gold Rate Today: सोने के दामों में भारी गिरावट,₹10,000 गिरे दाम, दिल्ली से पटना तक ये है 22k से 18k के भाव -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में जारी है गिरावट, कहां पहुंचा रेट? -
15289 करोड़ रुपये में बिक गई राजस्थान रॉयल्स, कौन हैं खरीदने वाले काल सोमानी, IPL से पहले मचा तहलका -
Badshah Love Story: ‘टटीरी’ वाले रैपर बादशाह की दूसरी दुल्हन Isha Rikhi कौन हैं? कैसे परवान चढ़ा दूसरा इश्क? -
Iran Vs America: खत्म होने वाला है ईरान-इजराइल युद्ध! ट्रंप के बाद अब मोजतबा खामेनेई भी बातचीत के लिए तैयार -
VIDEO: BJP नेता माधवी लता ने एयरपोर्ट पर क्या किया जो मच गया बवाल! एयरपोर्ट अथॉरिटी से कार्रवाई की मांग -
Badshah Divorce Story: बादशाह ने रचाई थी इस ईसाई लड़की से शादी, 8 साल बाद तलाक क्यों? कौन है बेटी और कहां है? -
Badshah Second Marriage: रैपर बादशाह ने रचाई दूसरी शादी? तलाक के 6 साल बाद कौन बनीं रैपर की 'नई पत्नी' -
Iran Oil Offer to India: तेल संकट के बीच ईरान का भारत को बड़ा ऑफर! लेकिन चौंकाने वाली है तेहरान की नई शर्त -
Fact Check: 14 किलो वाले LPG सिलेंडर में 10 किलो की गैस मिलेगी? क्या है वायरल वीडियो की सच्चाई?












Click it and Unblock the Notifications