UP Nikay Chunav: BJP के रवैये से खुश नहीं हैं अनुप्रिया पटेल, दूसरे चरण की 70 सीटों पर ठोक रहीं दावेदारी

उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान चार मई को होना है। निकाय चुनाव की सीटों को लेकर बीजेपी और अनुप्रिया पटेल के बीच सबकुछ सही नहीं चल रहा है।

अनुप्रिया पटेल

UP Nikay Chunav: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का संग्राम छिड़ा हुआ है। बीजेपी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव 2022 में शानदार प्रदर्शन करने वाली अपना दल (एस) को निकाय चुनाव में उतनी तवज्जो नहीं मिली है जितनी उनको उम्मीद थी। अपना दल के सूत्रों की माने तो अपना दल को केवल तीन सीट दिए जाने से अनुप्रिया पटेल भी खफा हैं। सूत्रों की माने तो पार्टी को लगता था कि विधानसभा में अच्छे प्रदर्शन के बाद निकाय चुनाव में बीजेपी ज्यादा सीटें देगी लेकिन पहले चरण में केवल तीन सीटें मिलने के बाद अब दूसरे चरण के लिए अपना दल ने 70 सीटों पर दावा ठोंका है।

पहले चरण में अनुप्रिया पटेल की अपना दल को केवल तीन सीटें

दरअसल, यूपी में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए अनुप्रिया पटेल की अगुआई वाली अपना दल को तगड़ा झटका लगा है। बीजेपी ने अपना दल (एस) को सिर्फ तीन सीटें दी हैं। झांसी में एक नगर पालिका परिषद (एनपीपी) और प्रतापगढ़ में दो नगर पंचायत (एनपी) सीट मिली है। हालांकि पहले चरण में जिन 10 मेयर सीटों के लिए मतदान होना है उनमें बीजेपी की AD(S) को एक भी सीट नहीं दी गई है। दूसरे चरण के लिए भी इतनी ही सीटें मिलने की उम्मीद है जिसमें मेयर पद की शेष सात सीटों के लिए 11 मई को मतदान होगा।

दूसरे चरण में 70 सीटों पर दावा ठोंक रही है अपना दल

अपना दल (एस) के सूत्रों ने कहा कि जमीनी स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अपने बड़े सहयोगी के साथ सीटों की संख्या को लेकर बातचीत चल रही है। सूत्रों ने कहा कि अपना दल (एस) ने दूसरे चरण में कम से कम 70 नगर पालिका और नगर पंचायत सीटों पर दावेदारी की तैयारी कर रही है। इसमें बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र (मिर्जापुर, सोनभद्र) के जिलों सहित 38 जिले शामिल हैं, जहां अपना दल के पास काफी मजबूत संगठनात्मक तंत्र है।

निषाद पार्टी को भी बीजेपी ने नहीं दी एक भी सीट

वहीं दूसरी ओर बीजेपी की दूसरी सहयोगी निषाद पार्टी को भी पहले चरण में एक भी सीट नहीं मिली थी। इसके बाद पार्टी ने निर्दलीय उम्मीदवार उतारने का फैसला किया था। वहीं अपना दल ने बीजेपी की सहयोगी होने के बावजूद 2017 में पिछला ULB चुनाव नहीं लड़ा था। अपना दल की बजाय भाजपा ने उन सभी सीटों पर चुनाव लड़ा, जिन्हें अपना दल का गढ़ माना जाता है।

कुर्मी बाहुल्य सीटों पर पार्टी ठोंक रही दावा

AD(S) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि,

पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनावों में लड़ने के लिए पर्याप्त संख्या में सीटें मिलने के बाद पिछले ULB चुनावों में बीजेपी के साथ बातचीत न करने का फैसला किया था लेकिन तब से अब तक के परिदृश्य पर नजर डालें तो पार्टी की ताकत में काफी वृद्धि हुई है और अब हम उन सीटों पर दावा करने की स्थिति में हैं जहां पार्टी की पोजिशन अच्छी है। हमें दूसरे चरण में भाजपा की तरफ से अच्छी सीटें मिलने की उम्मीद है।

अपना दल को मिल चुका है क्षेत्रिय पार्टी का दर्जा

अपना दल (एस) ने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा और 12 पर जीत हासिल की थी। ​​वहीं, पार्टी के उम्मीदवार 5 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। इसका फायदा पार्टी को मिला था। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में भी अनुप्रिया पटेल को दो सीटों पर जीत मिली थी। यूपी में क्षेत्रिय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद अब पार्टी की ताकत में भी इजाफा हुआ है। पार्टी को लगता है कि अब उसे पहले से ज्यादा सीटें मिलनी चाहिए।

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