Loksabha 2024: सपा सु्प्रीमो अखिलेश यादव के रुख के आगे झुकेंगे आरएलडी-कांग्रेस या टूटेगा गठबंधन
UP Politics: देश में अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले बीजेपी का सामना करने के लिए बने INDIA गठबंधन में क्या पहले ही दरार पड़ गई है। सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि वह यूपी में कम से कम 65 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे और केवल 15 सीट अपने सहयोगियों के लिए छोड़ेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो यूपी में अखिलेश का रवैया इस मिशन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

लखनऊ में राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद अखिलेश ने कहा कि सपा अकेले दम पर यूपी में बीजेपी को हराने में पूरी तरह सक्षम है। अगर राज्य में चुनाव में बेईमानी नहीं होती तो पार्टी 2022 के यूपी चुनाव के बाद सरकार बना लेती। यदि 2024 में INDIA गठबंधन बनता है तो 80 में से 65 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और 15 गठबंधन सहयोगियों के लिए छोड़ देगी।
आगामी मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के बीच कांग्रेस और सपा के बीच तनाव पैदा हो गया था जहां कांग्रेस ने सपा के साथ कोई सीट साझा नहीं किया। INDIA गठबंधन में चार घटक दल हैं एसपी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और अपना दल (कमेरावादी) शामिल हैं। वह अखिलेश यादव सपा राज्य मुख्यालय में पार्टी की नवगठित राज्य कार्यकारिणी समिति की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे।
पिछले महीने इंडिया गठबंधन के दो साझेदारों के बीच तब तनाव पैदा हो गया था जब आगामी मध्य प्रदेश चुनावों में कांग्रेस द्वारा कांग्रेस के लिए कोई सीट नहीं छोड़ने पर सपा ने उस पर विश्वासघात का आरोप लगाया था। बाद में एसपी ने एमपी की 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे।
इस मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर, यादव ने कहा: "हमने मध्य प्रदेश में कांग्रेस से केवल छह सीटें मांगीं, जहां सपा मजबूत स्थिति में है। लेकिन कांग्रेस पीछे हट गई और 2018 के चुनावों में एसपी द्वारा जीती गई सीट पर भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया। समय आएगा तो हम भी देखेंगे (जब लोकसभा चुनाव आएंगे)।"
उन्होंने कहा, ''हमने एमपी में उम्मीदवार उतारे हैं और हम वहां प्रचार करने भी जाएंगे।'' सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से कोई भी फालतू बयान न देने की अपील करते हुए यादव ने कहा, ''राष्ट्रीय नेतृत्व की नीतियों और निर्देशों के मुताबिक बयान दें। पार्टी के भीतर किसी भी गुटबाजी में शामिल न हों, बल्कि बूथ और संगठन स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान दें।"
हालांकि अखिलेश यादव के इस दावे को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय ने कहा कि, RLD यूपी में करीब एक दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर रही है। यूपी में सभी दल 80 सीटों पर लड़ने के लिए स्वतंत्र है लेकिन यदि कोई भी दल गठबंधन का हिस्सा बनता है तो उसे स्टेयरिंग कमेटी के फैसलों को मानना पड़ेगा जो हर सीट पर जीत के समीकरण के हिसाब से सीटों का बंटवारा करेगी। यह विधानसभा चुनाव नहीं लोकसभा चुनाव है इसलिए सभी दलों को काफी संभलकर चलना होगा।"
रालोद के सूत्रों ने कहा कि दावे से कुछ नहीं होता है। सपा पिछली बार मायावती के साथ मिलकर जब लोकसभा का चुनाव लड़ी थी तब उसने कितने जीते थे। सपा को केवल पांच सीटें ही मिली थीं। इसमें सभी वो रामपुर और आजमगढ़ हार चुके हैं। अभी उनके पास केवल तीन सीट है। तीन सीट वाली पार्टी इतना बड़ा दावा कैसे कर सकती है। ये सब शुरुआती बाते हैं। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद ही इस गठबंधन का स्वरूप और रुख सामने आएगा। अभी तक सभी अपने अपने दावे ही कर रहे हैं।
वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी बार बार यही कहते हैं कि कांग्रेस यूपी में सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। गठबंधन नहीं होगा तो कांग्रेस सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। हालांकि कांग्रेस के सूत्रों की माने तो कांग्रेस भी गठबंधन में कम से कम 20 से 22 सीटों का दावा करेगी। इससे कम सीटें मिली तो वह अपने दम पर ही यूपी में सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ना पसंद करेगी।












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