UP News: JDU के नेताओं के इस आग्रह को स्वीकार करेंगे बिहार के सीएम नीतीश कुमार?
UP Politics: उत्तर प्रदेश के जनता दल (यूनाइटेड) नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से 2024 का लोकसभा चुनाव यूपी की फूलपुर संसदीय सीट से लड़ने का आग्रह किया है। यूपी से जद (यू) का एक प्रतिनिधिमंडल नीतीश कुमार से मिलने पटना गया और उनसे फूलपुर निर्वाचन क्षेत्र से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने का अनुरोध किया।

जद (यू) के उत्तर प्रदेश संयोजक सत्येन्द्र पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल में यूपी के 10 लोकसभा क्षेत्रों से लगभग 75 पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। इन सभी ने नीतीश को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग करते हुए नारे भी लगाए।
उन्होंने कहा कि हम यूपी में लगभग दो दर्जन लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बूथ स्तर तक हमारी तैयारी है. हमने मांग की कि हमारे नेता नीतीश कुमार फूलपुर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ें और हमारे राज्य और देश से भारतीय जनता पार्टी का सफाया करें।
पटेल ने कहा कि फूलपुर प्रधानमंत्रियों का निर्वाचन क्षेत्र है। नीतीश को वहां से चुनाव लड़ना चाहिए. पूरे देश को उनसे बहुत उम्मीदें हैं. हम बस उनकी सहमति का इंतजार कर रहे हैं.' वह जिस भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे जीतेंगे। यूपी ने 10 प्रधान मंत्री दिए, लेकिन इसकी स्थिति अभी भी दयनीय है।
दरअसल, जदयू की ओर से नीतीश को फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाने की मांग के पीछे बड़ी वजह है। एक तो इस सीट का प्रतिनिधित्व जवाहर लाल नेहरू और वीपी सिंह भी कर चुके हैं। नीतीश अगर यहां से चुनाव लड़ते हैं तो विपक्षी एकता के सबसे सक्रिय अगुवा के तौर पर उसका खास राजनीतिक संदेश दिया जा सकता है। हालांकि, खुद नीतीश अब तक प्रधानमंत्री बनने की महात्वाकांक्षा को खारिज करते रहे हैं।
दूसरी तरफ फूलपुर सीट से रिकॉर्ड 8 बार पटेल (कुर्मी) जाति के उम्मीदवारों को जीत मिल चुकी है। नीतीश कुमार भी कुर्मी हैं और बिहार की जातीय राजनीति में उनका यही सबसे मजबूत आधार रहा है। फूलपुर से बीजेपी की वर्तमान सांसद केशरी देवी पटेल भी कुर्मी हैं। इसलिए जेडीयू के नेताओं को लगता है कि नीतीश के लिए यह सुरक्षित सीट हो सकती है।
नीतीश यूपी से देश में लोकसभा की सबसे ज्यादा यानि 80 सीटें हैं। भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम में जुटे नीतीश कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और मौजूदा समय में पार्टी के सबसे प्रभावी नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात कर चुके हैं। उनका ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से भी मिलना हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि नीतीश को लगता है कि कांग्रेस मायावती को विपक्षी खेमे में लाने में मदद कर सकती है।
2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में भाजपा अपनी सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) के साथ मिलकर 64 सीटें जीती थी। जबकि, बसपा को 10, सपा को 5 और कांग्रेस को 1 सीट से संतोष करना पड़ा था। लेकिन, 2022 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के आधार पर जदयू नेता को लगता है कि प्रदेश में विपक्ष आधी से ज्यादा सीटें जीत सकता है।












Click it and Unblock the Notifications