UP News: विधान परिषद में बीजेपी की ताकत में इजाफा, मनोनीत 6 सदस्यों ने ली शपथ
उत्तर प्रदेश में गुरुवार को 6 नॉमिनेटेड सदस्यों ने एमएलसी पद की शपथ ली। इसके साथ ही सदन में बीजेपी की ताकत में और इजाफा हो गया।

Lucknow News: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के नव-मनोनीत छः सदस्यों को गुरुवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। गुरुवार को विधानसभा के टंडन हाल में नव मनोनीत 6 विधान परिषद सदस्यों को सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने एक-एक कर शपथ दिलाई। इन 6 लोगों के शपथ लेने के साथ ही विधान परिषद में बीजेपी की ताकत में एक बार फिर इजाफा हो गया है। बीजेपी अब परिषद में 80 के आंकड़े तक पहुंच गई है।
6 सदस्यों को दिलाई गई शपथ
जिन विधान परिषद सदस्यों को सभापति ने शपथ दिलाई उनमें रजनीकांत महेश्वरी, साकेत मिश्रा, लाल जी निर्मल, तारिक मंसूर, रामसूरत राजभर, हंसराज विश्वकर्मा को शपथ दिलाई गई। गौरतलब है कि पूर्व में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जिन छह सदस्यों को विधान परिषद सदस्य बनाए जाने की स्वीकृति प्रदान की थी उनमें कई चर्चित चेहरे भी शामिल किए गए थे।
अलीगढ़ के वीसी तारिक मंसूर ने भी ली शपथ
आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने जहां एक तरफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीसी रहे तारिक मंसूर को विधान परिषद सदस्य मनोनीत किया। तो वहीं दूसरी तरफ रामसूरत राजभर और हंसराज विश्वकर्मा के बहाने पूर्वांचल में ओबीसी कार्ड भी खेल दिया।
नृपेंद्र मिश्रा के बेटे साकेत भी बने एमएलसी
भाजपा ने प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार रहे नृपेंद्र मिश्रा के बेटे को भी तोहफा देकर उन्हें भी एमएलसी बना दिया। वह काफी दिनों से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय रहे। जिसका उन्हें लाभ मिला और वह एमएलसी बनाए गए। उच्च सदन में छह सदस्यों के नामांकित करने के बाद पार्टी के पास अब 3/4 बहुमत हो गया है। बाकी बनवारी लाल दोहरे के निधन और लक्ष्मण आचार्य के राज्यपाल बनने के बाद इन सीटों पर जल्द ही चुनाव होना है।
मई में खाली होंगी एमएलसी की 13 सीटें
हालांकि परिषद का राजनीतिक समीकरण मई तक और बदलने की संभावना है जब सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और बसपा एमएलसी अंबेडकर सहित 13 एमएलसी सेवानिवृत्त होंगे। यूपी विधानसभा में भाजपा और उसके सहयोगियों की ताकत को देखते हुए भगवा संगठन सभी 11 सीटों को बरकरार रखने की कोशिश करेगा। हालांकि सभी की निगाहें सपा और उसकी सहयोगी रालोद पर होंगी जो अन्य दो सीटें जीतने की कोशिश करेगी।
पिछले साल अप्रैल में बीजेपी ने जीती 33 सीटें
बीजेपी ने पिछले साल अप्रैल में 36 स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों में से 33 सीटें जीतीं थीं। इनमें से उसने नौ सीटों पर निर्विरोध जीत हासिल की। इससे पहले इनमें से 31 सीटें 2016 से सपा के पास थीं। बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह वाराणसी से निर्दलीय के रूप में जीतीं। निर्दलीय उम्मीदवार विक्रांत सिंह ने आजमगढ़ से जीत हासिल की थी। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के उम्मीदवार अक्षय प्रताप सिंह ने प्रतापगढ़ से जीत हासिल की।












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